SIR: झारखंड के 2.65 करोड़ वोटरों में 71 लाख की मैपिंग नहीं

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Voters in Jharkhand

रांची। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) से पहले झारखंड में मतदाताओं की मैपिंग का काम चल रहा है। अब तक राज्य में 73.15 प्रतिशत वोटरों का मिलान हो चुका है। यह मैपिंग वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर की जा रही है। राज्य के कुल 2 करोड़ 65 लाख 62 हजार 300 वोटरों में से अब तक 1 करोड़ 94 लाख 30 हजार 429 वोटरों का मिलान हो चुका है। इन मतदाताओं ने 2003 की मतदाता सूची का हवाला देते हुए अपनी जानकारी दी है।

लोगों ने नहीं बताया-पिता कहां वोटर थे

वहीं अब भी करीब 71 लाख लोगों ने यह जानकारी अपने बूथ लेबल अफसर (बीएलओ) को नहीं दी है कि वर्ष 2003 में उनके पिता किस स्थान के वोटर थे। दूसरे राज्यों के वे निवासी, जो अब झारखंड के मतदाता बन चुके हैं, उनके बारे में उनके पैतृक राज्यों से भी जानकारी ली जा रही है। संभावना है कि अप्रैल में एसआईआर की घोषणा की जा सकती है। इसे देखते हुए राज्य निर्वाचन कार्यालय ने मैपिंग के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

मैपिंग के बाद भी सभी को गणना पत्र भरना जरूरी

एसआईआर शुरू होने के बाद सभी मतदाताओं के लिए गणना पत्र भरना अनिवार्य होगा। जिन मतदाताओं का मैपिंग हो चुका है और जिनका नहीं हुआ है, दोनों को यह फॉर्म भरना होगा। बीएलओ सभी मतदाताओं के घर जाकर गणना पत्र उपलब्ध कराएंगे। इसमें नागरिकता से संबंधित मांगी गई जानकारियां भरनी होंगी। यह फॉर्म ऑनलाइन भी भरा जा सकता है।

माता-पिता का नाम 2003 की पुरानी मतदाता सूची में नहीं है, तो क्या करें?

अगर 2003 की मतदाता सूची में आपका या आपके पिता का नाम नहीं है, तो गणना फॉर्म अवश्य भरें।
परिवार के दूसरे सदस्य का नाम 2003 की मतदाता सूची में है, तो अच्छा हैः
अगर 2003 की सूची में परिवार के किसी भी सदस्य का नाम है, तो उसका उल्लेख करें। यह मान्य होगा।

फॉर्म के साथ क्या दस्तावेज जमा करने हैं?

एसआईआर गणना पत्र में मांगी गई जानकारियां भरनी होंगी। इसमें इपिक संख्या के साथ सगे संबंधियों के नाम और उनकी इपिक संख्या की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा आधार कार्ड नंबर, बैंक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन या अन्य मान्य पहचान पत्र की जानकारी भी दी जा सकती है। बतौर साक्ष्य जमीन के कागजात भी दिए जा सकते हैं।

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