Night eating health risks
नई दिल्ली, एजेंसियां। रात का समय शरीर के आराम और खुद को रिपेयर करने का होता है। इस दौरान पाचन तंत्र की गति धीमी हो जाती है, इसलिए रात में खाने का प्रकार और समय सीधे सेहत पर असर डालता है। गलत खानपान से पेट भारी लगना, गैस, एसिडिटी, सीने में जलन, नींद का बार‑बार टूटना और सुबह थकान महसूस होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों को रात में बेचैनी, पसीना आना या सिर भारी होने की शिकायत भी रहती है। लगातार गलत खानपान से वजन बढ़ना, कब्ज और दिनभर सुस्ती जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
रात में बचें ये फूड्स
दिल्ली एमसीडी के डॉ. अजय कुमार के अनुसार, रात में ऐसे फूड्स से दूरी बनानी चाहिए जो पचने में भारी हों या पेट पर दबाव डालें। तला‑भुना और बहुत मसालेदार भोजन पाचन को बिगाड़ सकते हैं और एसिडिटी बढ़ा सकते हैं। ज्यादा मीठा खाने से ब्लड शुगर असंतुलित होता है और नींद प्रभावित होती है। अत्यधिक नमक वाले फूड्स शरीर में पानी रोकते हैं, जिससे सूजन और बेचैनी हो सकती है। प्रोसेस्ड और जंक फूड्स में फैट अधिक होता है, जो पाचन तंत्र को सुस्त कर देता है। रात में चाय, कॉफी या कैफीन वाले पेय लेने से दिमाग एक्टिव रहता है और नींद नहीं आती। ठंडे या भारी डेयरी प्रोडक्ट्स भी रात में पेट में गड़बड़ी कर सकते हैं।
रात में सही फूड्स क्या खाएं
रात का भोजन हल्का और आसानी से पचने वाला होना चाहिए। उबली या हल्की सब्जियां, दाल, सादी रोटी या थोड़ी चावल पाचन के लिए सही हैं। खिचड़ी, सूप और दलिया भी पेट पर बोझ नहीं डालते। सीमित मात्रा में दही या छाछ लेने से पाचन को आराम मिलता है और नींद बेहतर होती है। हल्का भोजन करने से सुबह शरीर हल्का महसूस करता है और पाचन संतुलित रहता है।
अन्य जरूरी बातें
रात का खाना सोने से कम से कम 2‑3 घंटे पहले खा लेना चाहिए। खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें और हल्की वॉक करें। टीवी या मोबाइल देखते हुए खाना न खाएं, ताकि पेट भरने का सही संकेत मिले। बहुत अधिक पानी या ठंडा पानी रात में न पिएं। सोने और उठने का समय नियमित रखें। तनाव से दूर रहना और अच्छी नींद लेना भी उतना ही जरूरी है।







