Hydration tips in winter
नई दिल्ली,एजेंसियां। सर्दियों के मौसम में अक्सर लोगों को प्यास कम लगती है, जिस वजह से वे अनजाने में ही पानी का सेवन घटा देते हैं। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ठंड के दिनों में कम पानी पीना सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल, सर्द हवाओं और शुष्क वातावरण के कारण शरीर से नमी लगातार बाहर निकलती रहती है। ऐसे में अगर पर्याप्त मात्रा में पानी न पिया जाए, तो डिहाइड्रेशन की समस्या चुपचाप शरीर को नुकसान पहुंचाने लगती है।
विशेषज्ञों के अनुसार
विशेषज्ञों के अनुसार, कम पानी पीने से सबसे पहले किडनी पर असर पड़ता है। पेशाब गाढ़ा हो जाता है, जिससे किडनी स्टोन और यूरिन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा शरीर से टॉक्सिन्स सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाते, जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ सकता है।
सर्दियों में डिहाइड्रेशन से क्या होता है ?
सर्दियों में डिहाइड्रेशन का असर दिल और दिमाग पर भी पड़ता है। पानी की कमी से खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। यही स्थिति आगे चलकर हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा देती है, खासकर बुजुर्गों और पहले से हृदय रोग से जूझ रहे लोगों में।इतना ही नहीं, पर्याप्त पानी न मिलने से त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। होंठ फटना, खुजली और ड्राई स्किन आम समस्याएं बन जाती हैं। पाचन तंत्र भी प्रभावित होता है, जिससे कब्ज, गैस और एसिडिटी की शिकायत बढ़ जाती है।
डॉक्टरों की सलाह
डॉक्टरों की सलाह है कि सर्दियों में भी दिनभर में कम से कम 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं। गुनगुना पानी, सूप, हर्बल टी और रसीले फल जैसे संतरा व अंगूर शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं। याद रखें, प्यास लगने का इंतजार करना डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है, इसलिए समय-समय पर पानी पीते रहना बेहद जरूरी है।
