अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से बढ़ रहा गंभीर स्वास्थ्य संकट, लैंसेट की रिपोर्ट ने खोली पोल

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नई दिल्ली, एजेंसियां। फास्ट-फूड और पैकेज्ड स्नैक्स पर बढ़ती निर्भरता अब गंभीर स्वास्थ्य खतरा बन चुकी है। लैंसेट में प्रकाशित एक नई व्यापक रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) शरीर के लगभग हर प्रमुख अंग को नुकसान पहुंचाते हैं और कई दीर्घकालिक बीमारियों तथा समय से पहले मौत का कारण बन सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक फ्रेंच फ्राइज, चिप्स या इंस्टेंट नूडल्स की “एक-दो बाइट” भी शरीर में हानिकारक बदलाव की शुरुआत कर सकती है।

रिसर्च में यह पाया गया

रिसर्च में पाया गया कि UPF के सेवन से हृदय रोग, डायबिटीज, मोटापा, डिप्रेशन, और कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। 43 विशेषज्ञों द्वारा की गई समीक्षा में शामिल 92 प्रमुख स्टडीज़ ने UPF को क्रॉनिक बीमारियों से जोड़कर स्पष्ट खतरे की ओर इशारा किया है। खासतौर पर अमेरिका जैसे देशों में आधी से ज्यादा कैलोरी UPF से ली जाती है, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है।

रिपोर्ट में यह कहा गया

रिपोर्ट में कहा गया कि इंसानी शरीर इन इंडस्ट्रियल फूड्स जिनमें फ्लेवर, कलर, प्रिज़रवेटिव और इमल्सीफायर शामिल होते हैं के लिए तैयार नहीं है। विशेषज्ञों ने UPF पर सख्त लेबलिंग, चेतावनियां और सरकारी स्तर पर कड़े नियम लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि कंपनियों की आक्रामक मार्केटिंग और लॉबिंग के चलते पब्लिक-हेल्थ नीतियों पर असर पड़ रहा है।

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