Winter session:
नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है और इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए सभी दलों से शांतिपूर्ण और रचनात्मक सहयोग की अपील की। यह 18वीं लोकसभा का छठा सत्र है, जिसमें कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। अनुमान है कि सत्र में लगभग 10 महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि विपक्ष कई मुद्दों को लेकर आक्रामक है और सत्र के हंगामेदार होने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष की प्राथमिक मांगों में SIR (स्ट्रैटेजिक इंटेलिजेंस रिव्यू) मुद्दा प्रमुख बताया जा रहा है।
विपक्ष को पीएम मोदी की नसीहत:
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने हालिया बिहार चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष अपनी पराजय से परेशान है और इस सदमे से बाहर नहीं आ पा रहा है. उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह संसद में नारेबाजी के बजाय नीति-निर्माण पर ध्यान दे। प्रधानमंत्री ने कहा, “निगेटिविटी छोड़ें, राष्ट्र निर्माण पर ध्यान दें।” उन्होंने कहा कि संसद देशहित की दिशा तय करती है और सभी राजनीतिक दलों को मिलकर रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
सत्र में क्या होगा खास?
- इस शीत सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।
- चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जज के खिलाफ चल रही महाभियोग जांच की रिपोर्ट सदन में पेश हो सकती है।
- रविवार को हुई कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विपक्ष ने चुनाव सुधार और SIR पर विस्तृत चर्चा की मांग की।
- विपक्ष दोपहर के सत्र में SIR पर चर्चा चाहता था, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं दिखी।
प्रधानमंत्री की अपील:
प्रधानमंत्री की अपील और विपक्ष की तेवरों के बीच शीतकालीन सत्र का माहौल राजनीतिक रूप से गर्म रहने की संभावना है। देश की नीतियों और सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण चर्चाओं के कारण यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है।






