Danapur-Bihta elevated corridor
पटना, एजेंसियां। पटना शहर में लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या को दूर करने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू हो गई है। दानापुर–बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना पर इस महीने से सक्रिय रूप से काम शुरू किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे पटना और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।
जिला प्रशासन के अनुसार
जिला प्रशासन के अनुसार, परियोजना के तहत कुल 22 गांवों में भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। प्रभावित रैयतों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा न आए। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा हो और सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।
दानापुर–बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण से दानापुर, बिहटा और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम होगा। इससे एनएच और शहरी सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, साथ ही यात्रियों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।हाल ही में आयोजित प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की बैठक में जिलाधिकारी ने जिले की 30 से अधिक विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अधिकांश परियोजनाओं में कार्य संतोषजनक गति से चल रहा है और जो छोटे-मोटे व्यवधान सामने आ रहे हैं, उन्हें तुरंत दूर किया जा रहा है।
प्रमुख परियोजनाओं की बात करें
अन्य प्रमुख परियोजनाओं की बात करें तो पटना मेट्रो के बैरिया से मलाही पकड़ी तक के प्रायोरिटी कॉरिडोर में भू-अर्जन से जुड़ी कोई समस्या नहीं है। वहीं एनएच-119ए के निर्माण के लिए 21 मौजों में भू-अर्जन की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए 17 से 26 दिसंबर तक विशेष शिविर लगाकर रैयतों को मुआवजा वितरित किया जाएगा।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने, पर्यावरण संरक्षण और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं की गुणवत्ता, समय पर पूर्णता और आम जनता को सीधा लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।






