नीतीश कुमार का बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने का किया ऐलान

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Nitish Kumar resignation

पटना, एजेंसियां। बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक घटना क्रम सामने आया, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि वह अब राज्यसभा के सदस्य बनने जा रहे हैं। इस घोषणा के साथ ही बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।

सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी जानकारी

नीतीश कुमार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनके संसदीय जीवन की शुरुआत से ही एक इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने इस बार राज्यसभा चुनाव में जाने का फैसला किया है।उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि वह अब राज्यसभा के सदस्य बनने की इच्छा रखते हैं और इसी कारण मुख्यमंत्री पद छोड़ने का निर्णय लिया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा समर्थन रहेगा।

24 घंटे से चल रही थीं अटकलें

पिछले 24 घंटों से बिहार की राजनीति में यह चर्चा चल रही थी कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा जा सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।अब खुद नीतीश कुमार के बयान के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया है। उनके इस फैसले से राज्य की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है और यह सवाल उठने लगा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।

नई सरकार को रहेगा समर्थन

नीतीश कुमार ने अपने बयान में यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बावजूद वह बिहार की राजनीति और राज्य के विकास से जुड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा समर्थन रहेगा और वह राज्य के हित में काम करते रहेंगे।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह फैसला बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। उनके राज्यसभा जाने के बाद राज्य की सत्ता में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना है।

लंबे राजनीतिक अनुभव के साथ बड़ा कदम

नीतीश कुमार देश के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं और उन्होंने बिहार की राजनीति में लंबे समय तक अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने कई वर्षों तक राज्य की कमान संभाली और कई विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया।अब उनके राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश करती नजर आ रही है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि राज्य में नया नेतृत्व कौन संभालेगा और राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ेंगे।

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