Bihar Board Exam 2026
भागलपुर, एजेंसियां। बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की शुरुआत सोमवार से हो गई, लेकिन कड़े नियमों की सख्ती कई छात्र-छात्राओं के लिए परेशानी का कारण बन गई। भागलपुर में कुछ मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को एंट्री नहीं मिली, जिसके बाद एग्जाम सेंटर के बाहर भावुक दृश्य देखने को मिले।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि नकल रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू की जाएगी। निर्देशों के अनुसार, परीक्षा शुरू होने के समय के बाद किसी भी हाल में छात्रों को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाना था। इसी नियम के तहत कई परीक्षा केंद्रों पर सुबह 9 बजे गेट बंद कर दिए गए।
1 से 4 मिनट की देरी बनी साल बर्बाद होने की वजह
भागलपुर के मारवाड़ी पाठशाला और सूरज देवी मिश्रीलाल परीक्षा केंद्र सहित कई केंद्रों पर ऐसे छात्र-छात्राएं पहुंचे जो महज 1 से 4 मिनट की देरी से आए थे। लेकिन नियमों के चलते उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। इससे कई छात्राओं की आंखों में आंसू छलक आए और पूरे साल की मेहनत एक झटके में टूटती नजर आई।
गिड़गिड़ाते रहे छात्र, नहीं पसीजे अधिकारी
देरी से पहुंची छात्राओं ने मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों से हाथ जोड़कर गुहार लगाई। किसी ने माफी मांगी तो किसी ने भविष्य में गलती न दोहराने का भरोसा दिया, लेकिन नियमों की सख्ती के आगे कोई राहत नहीं मिली। अधिकारियों ने साफ कहा कि समय के बाद एंट्री देना नियमों के खिलाफ है।
परिजन भी दिखे बेबस
एग्जाम सेंटर के बाहर परिजन भी भावुक हो उठे। कोई अपनी बेटी को ढांढस बंधाता दिखा तो कोई खुद आंसू नहीं रोक पाया। यह सवाल भी उठने लगे कि क्या कुछ मिनट की देरी पर पूरे साल का नुकसान जायज है, और क्या नियमों में मानवीय संवेदना की कोई गुंजाइश होनी चाहिए।
59 केंद्रों पर हो रही परीक्षा
बता दें कि भागलपुर जिले में इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए कुल 59 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 44,644 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। पहले दिन पहली पाली में बायोलॉजी और दूसरी पाली में फिलॉसफी की परीक्षा आयोजित की गई। बिहार बोर्ड की सख्ती ने जहां नकल पर लगाम लगाने का संदेश दिया है, वहीं कुछ छात्रों के लिए यह दिन टूटे सपनों की कहानी बन गया।
