Panchayati Raj:
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में महिलाओं की राजनीति में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में बताया कि सरकार ‘संपूर्ण सरकार और संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण को अपनाते हुए महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। इसके तहत नारी शक्ति वंदन अधिनियम, सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान, और आदर्श महिला-हितैषी ग्राम पंचायत पहल जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
लोकसभा और राज्यसभा में महिलाओं की स्थिति:
1957 में जहां आम चुनाव में भाग लेने वाली महिलाओं की संख्या कुल उम्मीदवारों का सिर्फ 3% थी, वहीं 2024 में यह आंकड़ा 10% तक पहुंच गया है।
पहली लोकसभा में सिर्फ 22 महिला सांसद थीं।17वीं लोकसभा में 78 और 18वीं लोकसभा में 75 महिलाएं सांसद चुनी गईं।यह संख्या कुल लोकसभा सदस्यों का लगभग 14% है। राज्यसभा में 1952 में महिला सदस्य 15 थीं, जो अब बढ़कर 42 हो गई हैं, यानी लगभग 17%।
पंचायत स्तर पर हिस्सेदारी:
देशभर में पंचायतों में चुनी गईं महिला प्रतिनिधियों की संख्या लगभग 14.5 लाख है, जो कुल प्रतिनिधियों का 46% है।
21 राज्यों में PRI (Panchayati Raj Institutions) में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान है, जो वैश्विक स्तर पर अद्वितीय है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (2023):
संविधान के 106वें संशोधन के तहत पारित यह अधिनियम लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करता है। इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है।
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