50% tariff on India:
वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने के फैसले का उल्टा असर अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, और इसे लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम अमेरिकी जीडीपी और महंगाई दोनों को बड़ा धक्का दे सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 प्रतिशत बेस टैरिफ और फिर रूस से तेल खरीदने के कारण 25 प्रतिशत अतिरिक्त पैनाल्टी टैरिफ लागू किया था, जिससे कुल 50 प्रतिशत टैरिफ हो गया। यह टैरिफ 27 अगस्त 2025 से प्रभावी हो चुका है। हालांकि, इससे न केवल भारत को बल्कि अमेरिका को भी भारी नुकसान हो सकता है।
अमेरिका में महंगाई और आर्थिक संकट की संभावना
एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस टैरिफ के कारण अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ 40-50 बेसिस प्वाइंट्स तक गिर सकती है। इसके अलावा, कमजोर अमेरिकी डॉलर और कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से महंगाई में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है, खासकर उन सेक्टरों में जो पूरी तरह से इंपोर्ट पर निर्भर हैं, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स।
अमेरिका में महंगाई को लेकर फेडरल रिजर्व का अनुमान था कि 2026 तक महंगाई दर 2 प्रतिशत तक पहुंचेगी, लेकिन एसबीआई रिपोर्ट के मुताबिक यह लक्ष्य अब कहीं ज्यादा रहने की संभावना है।
45 अरब डॉलर के निर्यात पर असर
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए 45 अरब डॉलर के टैरिफ से श्रमिक आधारित उद्योग जैसे कपड़ा, रत्न व आभूषण पर गंभीर असर पड़ेगा। हालांकि, दवा, स्मार्टफोन और स्टील जैसे उत्पाद इससे बाहर हैं। एसबीआई ने चेतावनी दी है कि अगर यह 50 प्रतिशत टैरिफ भारत के निर्यात पर स्थायी रूप से लागू रहता है, तो यह भारत-अमेरिका व्यापार घाटे को बढ़ा सकता है।
हालांकि, रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि व्यापारिक बातचीत के जरिए दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल हो सकता है और अमेरिका के साथ भारतीय निर्यात में सुधार हो सकता है।
यह टैरिफ और उसके असर का अभी सही आकलन नहीं हो पाया है, लेकिन अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर यह एक बड़ा संकट बन सकता है, खासकर महंगाई और आर्थिक वृद्धि के लिहाज से।
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