Donald Trump: ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में चीन-रूस को शामिल करने की पहल, वैश्विक राजनीति में नई हलचल

3 Min Read

Donald Trump

वॉशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने वॉशिंगटन डीसी में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक आयोजित की, जिसमें 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि वे इस पहल में China और Russia को भी शामिल करना चाहते हैं। दोनों देशों को निमंत्रण भेजा गया है, लेकिन उनकी ओर से अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। ट्रंप ने कहा कि उनका चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अच्छा संबंध है और वे अप्रैल में चीन दौरे की योजना बना रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली पर भी नजर

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह नया बोर्ड United Nations (यूएन) की कार्यप्रणाली पर भी नजर रखेगा और वैश्विक संकटों से निपटने में सहयोग को मजबूत करेगा। उन्होंने बोर्ड के कामकाज के लिए 10 अरब डॉलर की अमेरिकी सहायता की घोषणा की। शुरुआत में यह बोर्ड गाजा पट्टी में युद्धविराम की निगरानी और पुनर्निर्माण प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करेगा।

भारत-पाकिस्तान पर फिर टिप्पणी

बैठक के दौरान ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान तनाव का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से बातचीत कर संभावित युद्ध को टालने में भूमिका निभाई। ट्रंप ने कहा कि यदि संघर्ष नहीं रुका तो अमेरिका व्यापारिक समझौते रोक सकता है और भारी टैरिफ लगा सकता है।
हालांकि, उनके इन दावों पर पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।

किन देशों ने नहीं लिया हिस्सा?

बैठक में 40 से अधिक देशों ने भाग लिया, लेकिन France, United Kingdom, रूस और चीन सहित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कुछ प्रमुख सदस्य शामिल नहीं हुए। रिपोर्टों के मुताबिक, यूरोपीय संघ ने भी इस बोर्ड में सीट लेने से इनकार किया है।

भारत पर्यवेक्षक के रूप में शामिल

भारत ने इस बैठक में सदस्य के रूप में नहीं, बल्कि पर्यवेक्षक देश के रूप में भाग लिया। वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास के उपराजदूत ने बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस पहल में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था।

बोर्ड में कौन-कौन?

‘बोर्ड ऑफ पीस’ के शुरुआती एग्जिक्यूटिव सदस्यों में ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर शामिल हैं। ट्रंप का कहना है कि इस बोर्ड का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संघर्ष समाधान तंत्र को मजबूत करना और वैश्विक स्थिरता के लिए समन्वित प्रयासों को बढ़ावा देना है।

Share This Article