झारखंड के पिता-पुत्री के संघर्ष की कहानी पहुंची ऑस्कर तक

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‘टू किल ए टाइगर’ फिल्म का बेस्ट डॉक्यूमेंट्री कैटगरी में नोमिनेशन

रांची। झारखंड के एक पिता-पुत्री की संघर्ष की कहानी ऑस्कर तक पहुंच गई है। 9 मई 2017 को रांची से सटे बेड़ो में एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना घटी थी।

अपनी 13 साल की नाबालिग बेटी के साथ हुई दरिंदगी और न्याय के लिए एक किसान पिता के संघर्ष की कहानी पर टू किल ए टाइगर नाम पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनी है।

इस फिल्म को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री कैटगरी में नामित किया गया है। ‘टू किल ए टाइगर’ ऑस्कर 2024 में नॉमिनेट होने वाली इकलौती भारतीय फिल्म है। ‘

टू किल ए टाइगर’ के अलावा चार और फिल्में डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म में कैटेगरी के लिए नॉमिनेट हुई हैं। ऑस्कर अवार्ड की घोषणा 10 मार्च को की जाएगी।

इस फिल्म को निशा पाहुजा ने निर्देशित किया है। फिल्म की पूरी शूटिंग बेड़ो में हुई है। इस फिल्म ने एम्प्लीफाई वॉयस अवॉर्ड सहित 19 अवॉर्ड जीते हैं।

इस फिल्म की कहानी ऐसे पिता की है, जो अपनी नाबालिग बेटी के साथ हुई हैवानियत के बाद आरोपियों को सजा दिलाने के लिए दर-दर भटकता है। किसान पिता समाज के खिलाफ जाकर अपनी बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ता है।

रंजीत पुलिस के पास जाता है, उसकी शिकायत पर आरोपी गिरफ्तार होते हैं, लेकिन नेता और गांव वाले आरोप वापस लेने का दबाव बनाते हैं।

पिता के संघर्ष में उनका साथ एक एनजीओ देता है, फिर आरोपियों की गिरफ्तारी होती है। फिलहाल सारे आरोपी जेल में हैं।

आज भी कई लोग परिवार को आरोप वापस लेने के लिए मजबूर करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कई लोग कहते हैं कि ऐसा इसलिए हुआ कि लड़की ने ही लड़कों को उकसाया होगा।

इस फिल्म का प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हो चुका है। वहां इसने एम्प्लीफाई वॉयस पुरस्कार जीता था।

फिल्म का निर्माण डेविड ओपेनहेम, निशा पाहुजा, कॉर्नेलिया प्रिंसिपे और एंडी कोहेन ने किया है। फिल्म की शूटिंग रांची के बेड़ो में हुई है। इस फिल्म को निशा पाहुजा ने डायरेक्ट किया है। उनका जन्म दिल्ली में हुआ है।

फिलहाल वह टोरंटो में बस चुकी हैं। ‘टू किल ए टाइगर’ 10 सितंबर 2022 को थिएटर्स में रिलीज हुई थी। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी हुआ था, जहां इसने बेस्ट कनाडाई फीचर फिल्म के लिए एम्प्लीफाई वॉयस अवार्ड जीता था।

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