गाजा के बच्चों की बढ़ती मौतों का दर्दनाक सच, आंकड़ों का कौन रखता है हिसाब? [The painful truth behind the increasing deaths of Gaza children; who keeps track of the statistics?]

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Gaza children:

गाजा, एजेंसियां। गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष ने भारी तबाही मचा रखी है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के बाद इजरायल ने गाजा में सैन्य अभियान शुरू किया, जो अब तक जारी है। इस जंग में गाजा पट्टी में बड़ी संख्या में मौतें हो चुकी हैं, खासकर मासूम बच्चों की। संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी (UNRAW) प्रमुख फिलिप लजारिनी ने हाल ही में कहा कि “गाजा अब बच्चों और भूख से मरते लोगों का कब्रिस्तान बन गया है,” जो इस मानवीय त्रासदी की गहराई को दर्शाता है।

Gaza children:गोलीबारी और बमबारी से लाखों लोग प्रभावित

इजरायली हमलों ने गाजा की हालत सदी की सबसे बड़ी मानवीय आपदा में बदल दी है। गोलीबारी और बमबारी से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं, और जिनमें से कई भूख और बीमारियों से तड़प रहे हैं। स्थानीय गाजा सरकार के मुताबिक, 27 मई के बाद से करीब 800 फिलिस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं और 5101 लोग घायल हुए हैं। हाल ही में अल-बलाह शहर में राहत सामग्री लेने आई महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाया गया, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई, जिनमें 9 बच्चे और 4 महिलाएं शामिल थीं।

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Gaza children:मौतों और घायलों का सटीक आकड़ा

मौतों और घायलों की संख्या का सटीक आंकड़ा जुटाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन गाजा का स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां लगातार डेटा एकत्र कर रही हैं। यूनिसेफ के मुताबिक, अक्टूबर 2023 से अब तक 50,000 से अधिक बच्चे इस संघर्ष के शिकार हो चुके हैं, जिनमें मृत और घायल दोनों शामिल हैं। गाजा में इस मानवीय संकट का अंत अभी दूर नजर आ रहा है, और मासूम बच्चों की मौतों का दर्द हर दिल को झकझोर रहा है।

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