Tehran attack news: तेहरान पर हमले, तेल अवीव में धमाके, ट्रंप बोले- ईरान में सेना उतारने की योजना नहीं

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Tehran attack news:

तेहरान/जेरूसलम,एजेंसियां। मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच Iran और Israel के बीच संघर्ष सातवें दिन भी तेज बना हुआ है। अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर लगातार हवाई हमले किए जा रहे हैं, जबकि ईरान भी मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाब दे रहा है। इस बढ़ते सैन्य टकराव के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक

रिपोर्टों के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुए सैन्य अभियान के बाद से ईरान में अब तक कम से कम 1,230 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरानी मीडिया के अनुसार राजधानी Tehran के दक्षिण-पश्चिमी इलाके परांद में दो स्कूलों को मिसाइलों से निशाना बनाया गया। इन हमलों से कई इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है और आम नागरिकों के हताहत होने की भी खबरें सामने आई हैं।इसी बीच ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को इजराइल के प्रमुख व्यावसायिक शहर Tel Aviv में कई जोरदार धमाके सुने गए। इजराइली सेना ने बताया कि ईरान की ओर से दागी गई नई मिसाइलों का पता लगाया गया है और उन्हें रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं।

शिराज में भीषण हमला, कई लोगों की मौत

ईरान के Shiraz शहर में भी हालिया हमलों में भारी नुकसान हुआ है। फार्स प्रांत के अधिकारियों के अनुसार एक रिहायशी इलाके में हुए हमले में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग घायल हो गए। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मरने वालों में कई निर्दोष नागरिक शामिल हैं।

ट्रंप का बयान: जमीनी हमला नहीं

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ईरान में अमेरिकी जमीनी सेना उतारने की कोई योजना नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी दावा किया कि लगातार हमलों के कारण ईरान की एयर फोर्स और एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान हुआ है। दूसरी ओर ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Ali Larijani ने कहा कि ईरानी सेना अमेरिका के किसी भी संभावित जमीनी हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और ऐसे हमले का इंतजार कर रही है।

खाड़ी देशों तक बढ़ा संघर्ष का असर

ईरान की ओर से किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों में इजराइल के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र के कई देशों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इनमें United Arab Emirates, Qatar, Bahrain, Kuwait और Saudi Arabia शामिल हैं, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस संघर्ष पर टिकी हुई है।

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