Iran–Israel conflict: रूसी तेल पर 30 दिन की छूट को लेकर सियासत तेज, कांग्रेस ने साधा सरकार पर निशाना

3 Min Read

Iran–Israel conflict

मॉस्को, एजेंसियां। रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका के फैसले पर भारत की राजनीति गरमा गई है। United States ने भारत को Russia से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है। यह फैसला Iran–Israel conflict के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए लिया गया बताया जा रहा है। हालांकि इस पर Indian National Congress ने केंद्र सरकार को घेरते हुए इसे देश की संप्रभुता पर “करारा तमाचा” बताया है।

कांग्रेस नेता Supriya Shrinate ने सोशल मीडिया पर कहा

कांग्रेस नेता Supriya Shrinate ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका भारत को 30 दिन के लिए रूस से तेल खरीदने की अनुमति दे रहा है, जो देश की आज़ादी और संप्रभुता पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने पूछा कि अमेरिका कौन होता है भारत को अनुमति देने वाला। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Jairam Ramesh ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अमेरिका का नया दबाव बनाने का तरीका है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक भारत इस तरह के “अमेरिकी दबाव” को झेलता रहेगा।

खरगे और अन्य नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता Priyank Kharge ने भी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी आखिर कौन होते हैं जो भारत को रूस से तेल खरीदने की अनुमति दें। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार अमेरिका के हर फैसले के आगे झुकती नजर आ रही है। इसी तरह कांग्रेस सांसद Imran Pratapgarhi ने भी इस फैसले को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि क्या अब भारत रूस से तेल खरीदने के लिए भी अमेरिका की अनुमति का इंतजार करेगा।

क्या है अमेरिका का फैसला?

दरअसल Scott Bessent ने घोषणा की कि राष्ट्रपति Donald Trump के ऊर्जा एजेंडे के तहत भारत को 30 दिनों की अस्थायी छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का अहम साझेदार है और वैश्विक तेल बाजार को स्थिर रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। अमेरिका का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव है, इसलिए भारत को अस्थायी राहत दी गई है। हालांकि इस फैसले को लेकर भारत में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

Share This Article