PoK protest crackdown:
इस्लामाबाद, एजेंसियां। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात काफी बिगड़ गये हैं। हजारों लोग सरकार और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए सेना और सुरक्षा बलों ने धीरकोट (बाग जिला) में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। इसमें अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों में झड़पः
जानकारी के मुताबिक, धीरकोट में सबसे ज्यादा 6 मौतें हुई हैं। वहीं कोहाला के पास ददयाल, मीरपुर, चमयाती और राजधानी मुजफ्फराबाद में दो-दो लोगों के मारे जाने की खबर है। कई इलाकों में सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रदर्शनकारियों के बीच जबरदस्त झड़पें हुईं। गुस्साए लोगों ने दर्जनों पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया, उनके हथियार छीन लिए और कई की पिटाई भी कर दी।
तीन बड़े शहरों में विरोधः
अवामी एक्शन कमेटी (AAC) की अपील पर कोटली, रावलकोट और मुजफ्फराबाद जैसे बड़े शहरों में सोमवार से ही बाजार, दुकानें और सड़कें बंद हैं। हजारों लोग आजादी और “पाकिस्तानी सेना वापस जाओ” जैसे नारे लगा रहे हैं। माहौल को काबू करने के लिए सरकार ने भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की है।
इंटरनेट बंद, पत्रकारों पर रोकः
हालात को देखते हुए मंगलवार आधी रात से PoK में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। स्थानीय पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें निष्पक्ष कवरेज करने से रोका जा रहा है। सरकार ने बाहरी पत्रकारों और टूरिस्ट की एंट्री पर भी पाबंदी लगा दी है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान सरकार के इरादों पर सवाल उठ रहे हैं।
क्यों भड़की हिंसा?
PoK में यह पहली बार नहीं है जब लोग सड़कों पर उतरे हों।
2024: सस्ते आटे और बिजली की मांग को लेकर लोग हड़ताल पर गए थे।
2023: बिजली दरों में बढ़ोतरी और गेहूं पर सब्सिडी हटाने के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे।
2022: एक नए कानून का विरोध करते हुए लोगों ने आजादी के नारे लगाए और सड़कें जाम की थीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगला डैम से बिजली पैदा होने के बावजूद उन्हें महंगी बिजली दी जाती है। यही गुस्सा अब बड़े आंदोलन में तब्दील हो गया है।
मानवाधिकार संगठनों की चिंताः
कई मानवाधिकार संगठन PoK की मौजूदा स्थिति पर चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तानी सेना प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बर्बरता दिखा रही है और आम नागरिकों की आवाज दबाई जा रही है।
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