Ayatollah Ali Khamenei death
तेहरान, एजेंसियां। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमेनेई की अमेरिका-इजरायल हमले में मौत की खबर के बाद भारत के कई शहरों में शोक और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर समेत कई इलाकों में लोग सड़कों पर उतरे और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। हालात को देखते हुए केंद्र सरकार सतर्क हो गई है।
गृह मंत्रालय का सख्त अलर्ट
Ministry of Home Affairs (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त एडवाइजरी जारी की है। मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (DGP) को भेजे गए पत्र में कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय ने आशंका जताई है कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष और खामेनेई की मौत के बहाने कुछ असामाजिक तत्व देश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।
एडवाइजरी में स्थानीय प्रशासन और पुलिस को ईरान के समर्थन या विरोध में होने वाले किसी भी प्रदर्शन पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। खुफिया तंत्र को सक्रिय रखते हुए संभावित साजिशों को समय रहते नाकाम करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24 घंटे निगरानी कर भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।
उपद्रवियों से सख्ती के संकेत
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में यदि किसी ने हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्यों को पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में बढ़ी सतर्कता
इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का सबसे अधिक असर Jammu and Kashmir में देखा जा रहा है। घाटी के कई हिस्सों, खासकर Srinagar में विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। एहतियातन प्रशासन ने कई संवेदनशील इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को भी फिलहाल बंद रखने का फैसला लिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि ये कदम पूरी तरह एहतियाती हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।








