Dubai stranded passengers return India
दुबई, एजेंसियां। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच दुबई में फंसे जोधपुर के श्रद्धालुओं के लिए आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। चार दिनों के लंबे इंतजार और अनिश्चितता के बाद 120 में से 106 श्रद्धालु भारत पहुंच चुके हैं और आज शाम तक अपने घर जोधपुर लौटने की उम्मीद है। अपनों की सुरक्षित वापसी की खबर मिलते ही परिजनों के चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी है।
कोच्चि और बेंगलुरु के रास्ते लौट रहे श्रद्धालु
परिजनों के अनुसार, बुधवार देर रात 76 श्रद्धालु शारजाह से रवाना होकर सबसे पहले कोच्चि पहुंचे। वहां से गुरुवार सुबह वे फ्लाइट के जरिए बेंगलुरु पहुंचे हैं। अब बेंगलुरु से जोधपुर के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर ये श्रद्धालु शाम तक अपने घर पहुंच जाएंगे।वहीं, 30 अन्य श्रद्धालु अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। ये श्रद्धालु सड़क या ट्रेन के जरिए जोधपुर लौटेंगे। इसके अलावा अभी भी 14 श्रद्धालु दुबई में हैं, जिनके आज भारत के लिए रवाना होने की संभावना जताई जा रही है।
धार्मिक कथा में शामिल होने गए थे दुबई
जानकारी के अनुसार, जोधपुर के सूरसागर स्थित रामद्वारा के महाराज अमृत राम के सानिध्य में 23 से 28 फरवरी तक दुबई में धार्मिक कथा का आयोजन किया गया था। इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मंडोर और नागोरी बेरा क्षेत्र के माली समाज के करीब 120 श्रद्धालु दुबई गए थे।कथा संपन्न होने के बाद जब सभी श्रद्धालु वापसी के लिए एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें पता चला कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सुरक्षा कारणों के चलते कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इस कारण उन्हें दुबई में ही रुकना पड़ा और घर वापसी की उम्मीदें अटक गईं।
महंगे होटल और भोजन की समस्या
दुबई में फंसे रहने के दौरान श्रद्धालुओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। परिजनों ने बताया कि उन्हें उसी होटल में रुकना पड़ा जहां रोजाना करीब 20 हजार रुपये तक का किराया देना पड़ रहा था।हालांकि इस मुश्किल समय में दुबई के माहेश्वरी समाज ने उनकी मदद की और भोजन की व्यवस्था कर राहत पहुंचाई। वहीं कुछ जगहों पर स्थानीय प्रशासन ने भी फंसे यात्रियों को सहायता प्रदान की।
घर वापसी से परिवारों में खुशी
जैसे ही सरकार और प्रशासन के प्रयासों से उड़ानों की पुष्टि हुई, जोधपुर में श्रद्धालुओं के परिजनों ने राहत की सांस ली। कई दिनों की चिंता के बाद अब परिवारों में खुशी का माहौल है।








