Iran-Israel war
दुबई, एजेंसियां। मध्य पूर्व में जारी युद्ध छठे दिन भी थमता नजर नहीं आ रहा है। गुरुवार सुबह ईरान ने इजरायल पर कई मिसाइलें दागकर तनाव को और बढ़ा दिया। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण पूरे क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान भी लगातार जवाबी हमले कर रहा है।
मिसाइल हमलों से बढ़ा तनाव
गुरुवार सुबह ईरान की ओर से इजरायल पर कई मिसाइल हमले किए गए। हमलों की जानकारी मिलते ही इजरायली सेना ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। इजरायल ने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर नए हमले शुरू किए हैं और बेरूत के दक्षिणी इलाकों को निशाना बनाया गया है।इससे पहले अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों पर बड़े हमले किए थे। इन हमलों के बाद ईरान ने पूरे क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी थी।
ईरानी नेतृत्व और सैन्य क्षमता पर हमले
अमेरिका और इजरायल का कहना है कि उनके हमलों का उद्देश्य ईरान के सैन्य ढांचे, मिसाइल क्षमता और परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करना है। दोनों देशों ने ईरान के नेतृत्व से जुड़े कई ठिकानों पर भी हमले किए हैं।बताया जा रहा है कि इन हमलों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि ईरान के सरकारी टीवी को सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई से जुड़े एक कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा। इससे यह संकेत मिलता है कि हमलों का असर ईरान के अंदर तक पहुंचा है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के अलावा बहरीन और कुवैत के कुछ इलाकों को निशाना बनाया है। तुर्की के अधिकारियों के अनुसार ईरान की ओर से छोड़ी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को NATO के रक्षा सिस्टम ने तुर्की के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराया।युद्ध के दौरान दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार अब तक ईरान में एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लेबनान में 70 से अधिक और इजरायल में करीब एक दर्जन लोगों की जान गई है।
समुद्र में भी बढ़ी सैन्य गतिविधि
इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री ने बताया कि भारतीय महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो हमले में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। श्रीलंका के अधिकारियों के मुताबिक जहाज से 32 लोगों को बचाया गया, जबकि 87 शव बरामद किए गए हैं।लगातार बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर भी असर पड़ने लगा है। मध्य पूर्व के कई हवाई मार्ग बाधित हो गए हैं और हजारों यात्री विभिन्न देशों में फंसे हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष और लंबा खिंच सकता है।








