CM Hemant Soren: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दावोस में रखेंगे झारखंड का निवेश विजन, जानिए किस विषय पर होगी बात

Anjali Kumari
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CM Hemant Soren

दावोस, एजेंसियां। स्विट्जरलैंड के दावोस में सोमवार से शुरू हो रहे पांच दिवसीय 56वें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में झारखंड पहली बार अपनी भागीदारी दर्ज कराने जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ इस वैश्विक मंच पर राज्य की निवेश संभावनाओं को प्रमुखता से सामने रखेंगे। इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में आयोजित एक वर्चुअल बैठक में भाग लेकर तैयारियों की जानकारी साझा की।

क्रिटिकल मिनरल्स और ईवी सेक्टर पर खास जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखंड क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग सेक्टर में निवेश के अवसरों को प्रमुख रूप से उठाएगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी निवेश के लिए आकर्षक क्षेत्रों के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य की यह रणनीति केंद्र सरकार के विजन के साथ पूरी तरह समन्वित है।

अन्य क्षेत्रों में भी निवेश का न्योता

सीएम हेमंत सोरेन ने बताया कि झारखंड फूड प्रोसेसिंग, बायो-इकोनॉमी, ऊर्जा, रिन्युएबल एनर्जी ट्रांसमिशन, पर्यटन और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने रखेगा। इसका उद्देश्य राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

वैश्विक कंपनियों के साथ बैठकें

दावोस में मुख्यमंत्री टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप और एवरस्टोन ग्रुप जैसी प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की वैश्विक व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रतिनिधियों से भी बैठक कर उन्हें झारखंड में निवेश का आमंत्रण देंगे।

20 जनवरी को झारखंड पैवेलियन का उद्घाटन

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान 20 जनवरी को झारखंड पैवेलियन का उद्घाटन किया जाएगा। इसमें हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार की दिशा में झारखंड की यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। इस फोरम में 130 से अधिक देशों के 3000 से ज्यादा वैश्विक नेता और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं, जिससे झारखंड को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मजबूत करने का बड़ा अवसर मिलेगा।

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