H-1B visa policy change
वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने वीजा नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए H-1B और H-4 वीजा आवेदकों की कड़ी जांच शुरू कर दी है। 15 दिसंबर 2025 से लागू हुए इस नए नियम के तहत अब आईटी प्रोफेशनल्स और उनके आश्रितों की सोशल मीडिया गतिविधियों की भी समीक्षा की जाएगी। अमेरिकी विदेश विभाग के आदेश के अनुसार, सभी H-1B वीजा आवेदकों और H-4 वीजा पर उनके परिवार के सदस्यों की ऑनलाइन मौजूदगी को वीजा प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनाया गया है।
सोशल मीडिया स्क्रीनिंग होगी अनिवार्य
नए नियम के तहत वीजा के लिए आवेदन करने वालों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी देना जरूरी होगा। यदि किसी आवेदक ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल्स को प्राइवेट या लॉक कर रखा है, तो उसे वीजा प्रक्रिया के दौरान अस्थायी रूप से पब्लिक करना पड़ सकता है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और आव्रजन प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है, ताकि आवेदकों की पृष्ठभूमि की बेहतर जांच की जा सके।
पहले छात्रों पर लागू था नियम
इससे पहले अमेरिका में पढ़ाई या एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए जाने वाले छात्रों—F, M और J वीजा श्रेणियों—के लिए सोशल मीडिया जांच पहले से लागू थी। अब ट्रंप प्रशासन ने इसका दायरा बढ़ाकर H-1B वर्क वीजा धारकों और H-4 पर उनके आश्रितों को भी इसमें शामिल कर लिया है। इससे अमेरिका में काम करने की योजना बना रहे हजारों पेशेवर और उनके परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
भारत में दिखने लगा असर
इस नए फरमान का असर भारत में भी नजर आने लगा है। कई H-1B वीजा आवेदकों के इंटरव्यू नई गाइडलाइंस के चलते रीशेड्यूल किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे चलकर वीजा प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है और आवेदकों को अपनी ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। कुल मिलाकर, अमेरिका की यह सख्ती वीजा प्रक्रिया को पहले से ज्यादा कड़ा और विस्तृत बना रही है।






