US-Venezuela Tensions: वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका-विरोधी देशों में बढ़ी चिंता

Anjali Kumari
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US-Venezuela Tensions

वॉशिंगटन/काराकस, एजेंसियां। अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक बड़े सैन्य अभियान के तहत उनके ही बेडरूम से गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाने की कार्रवाई की, जिसे ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व नाम दिया गया। इस कदम के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल मच गई है और कई अमेरिका-विरोधी देशों में डर और चिंता बढ़ गई है। मादुरो की गिरफ्तारी ने यह संदेश दिया कि अमेरिका अब केवल कूटनीतिक दबाव तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि सीधे कार्रवाई करने के लिए भी तैयार है।

इस घटना के बाद कई देश सतर्क

इस घटना के बाद ईरान, कोलंबिया, उत्तर कोरिया, क्यूबा और बेलारूस जैसे देश सतर्क हो गए हैं। ईरान में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने देश में हो रहे प्रदर्शन और अमेरिकी समर्थन के बीच कड़ी प्रतिक्रिया दी है और विरोध को दबाने के आदेश दिए हैं। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो, जो अमेरिका के आलोचक रहे हैं, अमेरिका के किसी संभावित कदम को लेकर सतर्क हैं। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है, जबकि क्यूबा ने इस कदम को राज्य प्रायोजित आतंकवाद करार दिया और रूस, चीन और ईरान के साथ संबंध मजबूत करने की दिशा में काम शुरू किया। बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको पर सीधे अमेरिकी कदम की संभावना कम मानी जा रही है क्योंकि वहां किसी भी हमले को रूस पर हमला माना जाएगा।

निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अब विरोधी देशों और नेताओं के लिए संभावित कार्रवाई का खतरा वास्तविक बना चुका है। इस कदम ने वैश्विक राजनीति में तनाव और बढ़ा दिया है और अब अमेरिका-विरोधी देश अपने नेताओं और सुरक्षा उपायों को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं।

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