Gilgit Baltistan violence:
इस्लामाबाद, एजेंसियां। पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगिट-बाल्टिस्तान में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए हैं। यहां के प्रमुख शहर स्कार्दू में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई गोलीबारी में शिया समुदाय के कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन के बाद भड़की हिंसा
रिपोर्टों के मुताबिक 1 मार्च से स्कार्दू में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में बाल्टी-शिया समुदाय के लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद हालात बिगड़ गए।
सुरक्षा बलों की गोलीबारी का आरोप
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सेना और अर्द्धसैनिक बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोलीबारी की। इस गोलीबारी में पहले 13 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी, लेकिन बाद में कई घायलों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 38 हो गई।
सरकारी इमारतों में आगजनी
इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत की खबर फैलते ही इलाके में गुस्सा भड़क उठा। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर सरकारी इमारतों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। कई स्थानों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
कई इलाकों में कर्फ्यू
हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने स्कार्दू और आसपास के इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की जा रही है। यह घटना एक बार फिर गिलगिट-बाल्टिस्तान में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक असंतोष और क्षेत्रीय तनाव को उजागर करती है।








