New Prime Minister in France:
पेरिस,एजेंसियां। फ्रांस में राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक संकट के बीच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने करीबी सहयोगी और रक्षा मंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू को नया प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया है। लेकोर्नू बीते दो वर्षों में फ्रांस के पांचवें प्रधानमंत्री बने हैं। उनकी नियुक्ति उस समय हुई है जब देश पहले से ही भारी आर्थिक संकट और सरकार की नीतियों के खिलाफ हो रहे ‘ब्लॉक एवरीथिंग’ आंदोलन से जूझ रहा है।
New Prime Minister in France: क्यों बढ़ा विरोध?
जैसे ही मैक्रों ने लेकोर्नू का नाम घोषित किया, देशभर में विरोध तेज हो गया। राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने आगजनी और तोड़फोड़ की, जिससे पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। अब तक 200 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालात को काबू में करने के लिए सरकार ने पूरे देश में 80 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए हैं।
New Prime Minister in France: पृष्ठभूमि: बायरू की विदाई
यह संकट तब गहराया जब सोमवार को फ्रांसीसी नेशनल असेंबली ने बजट में 51 बिलियन डॉलर की कटौती के प्रस्ताव पर मतदान किया और पूर्व प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरू का विश्वास मत गिर गया। इस कदम से सरकार का कर्ज संकट और राजनीतिक अस्थिरता सामने आ गई।
New Prime Minister in France: राजनीतिक संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लेकोर्नू की नियुक्ति से साफ है कि मैक्रों एक अल्पमत सरकार के सहारे भी अपना व्यापार-समर्थक आर्थिक सुधार एजेंडा जारी रखना चाहते हैं। हालांकि, नेशनल असेंबली में वामपंथी गुट मजबूत है और सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत उसके पास नहीं है। ऐसे में लेकोर्नू के सामने स्थिरता और नीतिगत फैसलों को आगे बढ़ाने की बड़ी चुनौती होगी।
New Prime Minister in France: नतीजा
फ्रांस में यह हालिया घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि देश केवल आर्थिक संकट ही नहीं, बल्कि गहरे राजनीतिक अस्थिरता से भी जूझ रहा है। जनता की नाराजगी और विपक्ष की ताकत के बीच नए पीएम के लिए राह आसान नहीं होगी।
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