Syria elections:
दमिश्क, एजेंसियां। सीरिया में लगभग 14 साल बाद संसदीय चुनाव हुए हैं। एक ऐसा देश जो बशर अल-असद की तानाशाही और 13 साल लंबे गृहयुद्ध से तबाह हुआ। रविवार सुबह दमिश्क में मतदान शुरू हुआ तो इसे असद युग के अंत के बाद ‘नए दौर की शुरुआत’ बताया गया।
पिछले साल दिसंबर में हुआ था तख्तापलटः
पिछले साल दिसंबर में तख्तापलट किए जाने के बाद अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने सत्ता संभाली थी। उन्होंने वादा किया था कि यह चुनाव ‘लोकतांत्रिक परिवर्तन’ की दिशा में पहला कदम होगा, मगर हकीकत में जनता को वोट देने का अधिकार ही नहीं मिला।
आम जनता चुनाव प्रक्रिया से बाहरः
आम जनता और राजनीतिक दल दोनों ही चुनाव प्रक्रिया से बाहर हैं। सबसे बड़ा विवाद ‘जनता की अनुपस्थिति’ का है। आलोचकों के मुताबिक यह चुनाव शरा सरकार की वैधता मजबूत करने की कवायद है, न कि जनता की इच्छा का प्रतीक।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है, सीरिया की यह पहली ‘आजादी के बाद की संसद’ लोकतंत्र की दिशा में कदम भले हो, लेकिन जनता की भागीदारी के बिना यह महज सत्ता परिवर्तन का औपचारिक चेहरा बनकर रह गया है। इस चुनाव में अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की जीत तय है।
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