भारत में सबसे जहरीला सांप कौन सा है?
भारत जैसे विशाल देश में सांपों की कोई कमी नहीं है। यहां सांप की एक दो नहीं करीब 275 प्रजातियों का निवास है, जो धरती पर किसी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक है।
भारत में यूं तो किस्म-किस्म के सांप पाए जाते हैं पर भारत का सबसे ज्यादा जहरीला सर्प रसेल वाइपर है।
यह एक मध्यम आकार का सांप है जो पूरे भारत में पाया जाता है। इसका जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है, जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
रसेल वाइपर के काटने से व्यक्ति को गंभीर दर्द, पक्षाघात और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है। रसेल वाइपर का जहर सबसे घातक माना जाता है।
किंग कोबरा :
करीब साढ़े पांच मीटर लंबाई तक बढऩे वाला यह सांप अपने एक ही वार में काफी अधिक मात्रा में जहर छोड़ता है, यह दुनिया का सबसे बड़ा जहरीला सांप है।
प्राय: यह दूर-दराज के उन जंगलों में पाया जाता है जहां बाहरी छेड़छाड़ नहीं होती और दूसरे सांपों को अपना शिकार बनाता है। इसका लैटिन नाम ओफियो फैगसहाना है यानी सर्पभक्षी।
किंगकोबरा के फन अंगुलियों की छाप की तरह होते हैं, इनमें से हरेक में दूसरे से फर्क होता है।
स्पैक्टेकल्ड कोबरा :
दक्षिण भारत इस प्रकार के सांपों का घर है और ये भारत में पायी जाने वाली चार सबसे आम प्रकार के कोबरा प्रजाति में से एक है।
आमजन इससे काफी खौफ खाता है और यहां तक कि पूरे उपमहाद्वीप में इसकी पूजा भी की जाती है।
इस सांप के डसने से न्यरोटाक्सिक जहर शहरी में फैलता है जो लकवा का कारण बनता है और यदि इलाज न किया जाए तो इससे मौत तक हो सकती है।
बेशक, यह सांप रसल्स वाइपर जितना जहरीला नहीं होता, लेकिन देश में सांप के डसने से मरने वाले 30 फीसद लोग इसी के विष से मरते हैं।
साफ्ट स्केल्ड वाइपर :
बहुत से दूसरे वाइपर सांपों की तरह इसकी त्वचा भी ऐसी होती है जो इसे प्राकृतिक वातावरण में पूरा छिपाकर रखती है और यह भी घात लगाकर हमला करने वाला जीव है।
यह देशभर में पाया जाता है। हालांकि यह रात में सबसे ज्यादा सक्रिय होताहै, लेकिन प्राय: सवेरे की कुनकुनाती धूप का आनंद लेना भी इसे पसंद है और वही वक्त होता है जब यह इंसानों के संपर्क में आता है।
इसका जहर शरीर में रक्त के थक्के जमाने वाले तत्वों पर हमला करता है जिसके चलते दांतों और मसूढ़ों से खून बहने लगता है।
राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके दुनिया में इस सर्वाधिक साफ्ट स्केल्ड वाइपर के मूल निवास स्थान हैं।
ये सांप दक्षिण भारत में पायी जाने वाली सांप की प्रजातियों के मुकाबले डेढ़ गुना अधिक लंबे होते हैं।
कामनक्रेट :
यह आक्रामक जीवन नहीं है लेकिन भड़काने पर यह काट सकता है और अपना जहर भी उड़ेलता है जिससे नींद आती है और श्वसनतंत्र बेकार पड़ सकता है, इस तरह इस सांप के डसे जाने पर एंटीवेनिन नहीं लेने वाले लोग मौत की नींद सो सकते हैं।
के्रट की औसत लंबाई चार फुट होती है, यह छोटी छिपकलियों के अलावा दूसरे क्रेट और अन्य सांपों को भी अपना शिकार बनाता है।
इस सांप ने सोते हुए लोगों को अपना शिकार बनाने वाले सांप के तौर पर अपनी पहचान बनायी है।
इसका शक्तिशाली, न्यूरोटाक्सिक जहर लकवा का कारण बनता है और इलाज न कराने पर मौत भी हो सकती है।
पैटवाइपर :
एक जहरीला सांप है जिसे सिर के दोनों ओर, आंख और नासिका छिद्र के बीच गहरा गड्ढा बना होता है।
ये गड्ढे ताप को लेकर काफी संवेदी होते हैं और सांप को पक्षियों तथा चूहों जैसे समतापी जीवों का पता लगाने में मददगार होते हैं।
इसके ऊपरी जबड़े में लगे विषैले दांत सांप के काटने से पहले ही बाहर आ जाते हैं। हर विषैले दांत में जहर भरा होता है।
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