Healthy Vegetable:
नई दिल्ली, एजेंसियां। सर्दियों के मौसम में गाजर और मूली की मांग बढ़ जाती है। लोग इन दोनों सब्जियों का अलग-अलग तरीके से सेवन करते हैं। गाजर का हलवा, अचार या सूप, वहीं मूली का पराठा, सलाद या सूप के रूप में सेवन किया जाता है। दोनों में कई पोषक तत्व मौजूद हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी माने जाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि सेहत के लिए इनमें से कौन सी सब्जी ज्यादा फायदेमंद है।
गाजर के पोषक तत्व और फायदे
गाजर विटामिन A (बीटा-कैरोटीन), विटामिन K1, पोटेशियम और फाइबर का बेहतरीन स्रोत है। इसमें विटामिन B6, विटामिन C और बायोटिन भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
• आंखों के लिए: गाजर में मौजूद विटामिन A और बीटा-कैरोटीन आंखों की रोशनी बढ़ाने और दृष्टि स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
• पाचन तंत्र: इसमें मौजूद फाइबर कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं को कम करता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।
• हृदय स्वास्थ्य: गाजर के पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं और हृदय रोगों के जोखिम को कम करते हैं।
• वजन नियंत्रण: फाइबर से भरपूर गाजर लंबे समय तक पेट को भरा रखता है, जिससे अधिक खाने से बचा जा सकता है।
• त्वचा और बालों के लिए: इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को निखारते हैं, हाइड्रेटेड रखते हैं और झुर्रियों से बचाते हैं।
मूली के पोषक तत्व और फायदे
• मूली में विटामिन C, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फोलेट, फाइबर, कैल्शियम और आयरन जैसे पोषक तत्व मौजूद हैं।
• पाचन तंत्र: मूली में उच्च मात्रा में फाइबर होता है, जो कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है।
• इम्यूनिटी बढ़ाए: विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाता है और सर्दी-जुकाम से लड़ने में मदद करता है।
• हाइड्रेशन: मूली में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखती है।
• हड्डियों की मजबूती: कैल्शियम और फास्फोरस से हड्डियां मजबूत रहती हैं।
• ब्लड प्रेशर नियंत्रण: पोटैशियम से भरपूर मूली ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखती है।
कौन सी सब्जी है बेहतर?
यदि आपकी प्राथमिकता आंखों की सेहत और विटामिन A की पूर्ति है, तो गाजर सबसे बेहतर विकल्प है। वहीं, पाचन सुधारना, विटामिन C की खुराक और कब्ज जैसी समस्याओं से निजात पाने के लिए मूली ज्यादा लाभकारी मानी जाती है।
नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सलाह के रूप में दी गई है। किसी भी स्वास्थ्य या डायट संबंधी बदलाव से पहले डॉक्टर की राय लेना जरूरी है।








