Jharkhand cold wave
रांची। झारखंड में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पूरा राज्य इस समय भीषण शीतलहर की चपेट में है। राज्य के छह जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। शनिवार को लोहरदगा झारखंड का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।बता दें इस कड़ाके की ठंड में गिरिडीह जिले के मोतीलेदा निवासी प्रेम राय (37) और कोडरमा जिले के राणे गांव के भुवनेश्वर रजक (75) की मौत हो गयी।
इससे पहले भी चक्रधरपुर में ठंड के कारण एक दंपति की मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है।इतना ही नहीं झारखंड में बढ़ती ठंड को देखते हुए स्कूलों के संचालन के समय में भी बदलाव किया जा सकता है। इस संबंध में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग जल्द ही दिशा-निर्देश जारी करने वाला है। बता दे राजधानी में कुछ निजी स्कूलों का संचालन सुबह सात बजे से किया जा रहा है जिससे ठंड के कारण बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानी हो रही है।
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले पांच दिनों तक झारखंड के 16 जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। इसे देखते हुए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को रांची का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री, जबकि कांके का तापमान 7.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।मौसम विभाग के अनुसार ठंड बढ़ने का मुख्य कारण उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही बर्फीली हवाएं है।
इसके वजह से सुबह और शाम घना कोहरा छा रहा है, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो रही है।इसका सबसे ज्यादा असर सड़क से लेकर विमान और रेल सेवाओं पर पड़ रहा है। कई उड़ानें रद्द की गई हैं।मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार, 27 दिसंबर तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। इस दौरान दिन-रात कनकनी बनी रहेगी। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
