UP Education Minister:
लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने जोरदार नारेबाजी की और मामले में सरकार की लापरवाही को लेकर विरोध जताया। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में व्यापक अनियमितता के चलते आरक्षित वर्ग के हजारों अभ्यर्थी नौकरी पाने से वंचित हो गए हैं।
अभ्यर्थियों के अनुसार:
अभ्यर्थियों का कहना है कि इस मामले में लखनऊ हाई कोर्ट ने 13 अगस्त 2024 को उनके पक्ष में फैसला सुनाया था, लेकिन सरकार ने उस फैसले को लागू नहीं किया और मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में भी पक्ष रखने से पीछे हट रही है, जिससे सुनवाई में बार-बार देरी हो रही है। अब तक 20 से अधिक तारीखें लग चुकी हैं, लेकिन मामले की सुनवाई नहीं हो सकी है।
अमरेंद्र पटेल ने बताया:
धरने का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने बताया कि 2018 में शुरू हुई इस भर्ती प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव हुआ और उन्हें नियुक्ति से वंचित कर दिया गया। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह सुप्रीम कोर्ट में उनके मामले की मजबूती से पैरवी करे और जल्द न्याय दिलवाए।
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