Gond Laddoo for Winter
नई दिल्ली, एजेंसियां। सर्दियों के मौसम में शरीर को अंदर से गर्म और मजबूत रखने के लिए पारंपरिक तौर पर गोंद के लड्डू खाए जाते हैं। आयुर्वेद में गोंद को सर्दियों का सुपरफूड माना गया है। इसकी तासीर गर्म होती है और इसमें मौजूद पोषक तत्व इम्यूनिटी, हड्डियों और एनर्जी लेवल को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति सर्दियों में रोजाना एक महीने तक एक गोंद का लड्डू खाता है, तो शरीर में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
डाइटिशियन के अनुसार
डाइटिशियन के अनुसार, गोंद के लड्डू में घी, ड्राई फ्रूट्स, गुड़ और आटे का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे शरीर को प्रोटीन, आयरन, हेल्दी फैट, फाइबर और मिनरल्स मिलते हैं। रोजाना सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर का कोर टेम्परेचर बना रहता है, जिससे ठंड से होने वाली जकड़न, जोड़ों के दर्द और अकड़न में राहत मिलती है। यही कारण है कि इसे बुजुर्गों और प्रसव के बाद महिलाओं को विशेष रूप से दिया जाता है।
एक महीने तक रोज एक लड्डू खाने से शरीर में एनर्जी और स्टैमिना बढ़ता है। गोंद स्लो-रिलीज एनर्जी देता है, जिससे दिनभर थकान कम महसूस होती है। इसके अलावा इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं, जिससे सर्दी-जुकाम और मौसमी बीमारियों का खतरा घटता है।
क्या कहते है एक्सपर्ट्स?
हालांकि, एक्सपर्ट्स चेतावनी भी देते हैं कि गोंद के लड्डू का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। एक लड्डू में 150 से 200 कैलोरी तक होती है, ज्यादा खाने से वजन बढ़ सकता है। अधिक घी और ड्राई फ्रूट्स के कारण गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। हाई कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर या हार्मोनल समस्याओं से जूझ रहे लोगों को इसे रोज खाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
