नई दिल्ली। बिहार में जातीय जनगणना रिपोर्ट का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की हामी भरी है। उच्चतम न्यायालय मामले में 6 अक्टूबर को जातीय सर्वेक्षण मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करेगी। बता दें कि 2 अक्टूबर को बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने जातीय जनगणना के आंकड़े जारी किए हैं। उसमें सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है।
6 अक्टूबर को होगी सुनवाई
मंगलवार को जातीय जनगणना के आंकड़े जारी करने के बाद दायर याचिका पर सुनवाई हुई और अगली तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इस मामले में पहले से ही सियासी बयानबाजी जारी है। जहां एक ओर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने इसमें अड़ंगा लगाना चाहा। कानूनी अड़चनें पैदा कीं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि बीजेपी का जातीय जनगणना को शुरू से ही समर्थन था। वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने देशभर में जातीय जनगणना कराने का उनका प्रस्ताव खारिज कर दिया था।
2 अक्टूबर को जारी किए गए थे आंकड़े
बता दें कि फरवरी 2019 में बिहार विधानसभा में जातीय जनगणना कराने का प्रस्ताव पारित किया गया था। मामला तब भी सुप्रीम कोर्ट में गया। आखिरकार, 2 अक्टूबर को आंकड़े जारी किए गए।
जातीय जनगणना आंकड़ों को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इसमें 9 दलों को आमंत्रित किया गया है। विधानसभा में भी इसके आंकड़े जारी किए जाएंगे।








