Vedic Almanac:
दिन – गुरूवार
विक्रम संवत – 2082
शक संवत -1947
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म ॠतु
मास – वैशाख
पक्ष – कृष्ण
तिथि – एकादशी दोपहर 02:32 तक तत्पश्चात द्वादशी
नक्षत्र – शतभिषा सुबह 10:49 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद
योग – ब्रह्म शाम 03:56 तक तत्पश्चात इन्द्र
राहुकाल – दोपहर 02:13 से शाम 03:49
सूर्योदय – 05:23
सूर्यास्त – 06:15
दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे
व्रत पर्व विवरण- वरूथिनी एकादशी,पंचक
विशेष- हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।
आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l
एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।
एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।
जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।




