Drug abuse:
नई दिल्ली, एजेंसियां। नशे की लत में नाबालिगों की बढ़ती संख्या समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। हाल ही में एम्स दिल्ली के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा किए गए अध्ययन में यह तथ्य सामने आया कि सिरिंज से ड्रग्स लेने वालों में एक बड़ी संख्या नाबालिगों की है। इस अध्ययन में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के कुल 5,602 सिरिंज से ड्रग्स लेने वालों को शामिल किया गया, जिसमें से अधिकांश बेरोजगार, तलाकशुदा या मानसिक रूप से अस्थिर थे।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि सिरिंज से ड्रग्स लेने की वजह से एचआईवी संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। दिल्ली में यह दर 15.8 प्रतिशत, उत्तराखंड में 9.77 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 5.4 प्रतिशत और बिहार में 2.8 प्रतिशत है। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर संकट उत्पन्न कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना
नाबालिगों के ड्रग्स की लत में पड़ने के प्रमुख कारणों में दोस्तों का दबाव, घरेलू हिंसा, माता-पिता का ध्यान न देना और नशे के साधनों की आसान उपलब्धता शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए स्कूलों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने, परिवार और समुदाय की सक्रिय भूमिका निभाने, मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने और युवाओं के लिए रोजगार और स्किल ट्रेनिंग प्रदान करने की आवश्यकता है। यह स्थिति समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि हमें नशे की लत में नाबालिगों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
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