Tejashwi Yadav:
पटना, एजेंसियां। बिहार में वोटर लिस्ट को लेकर सियासी घमासान मचा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर वोटों की चोरी का आरोप लगाया है। तेजस्वी ने दावा किया कि भाजपा नेताओं के नाम मतदाता सूची में दो-दो बार दर्ज हैं और यह सब चुनाव आयोग की मिलीभगत से हो रहा है।
मुजफ्फरपुर मेयर के दो वोटर आईडी का दावाः
तेजस्वी यादव ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुजफ्फरपुर की मेयर और भाजपा नेता निर्मला देवी के साथ-साथ उनके दो देवरों, दिलीप कुमार और मनोज कुमार, के नाम मतदाता सूची में दो-दो बार दर्ज होने का आरोप लगाया। उन्होंने टीवी पर बूथ नंबर 257 और 153 के आधार पर दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि निर्मला देवी के दो अलग-अलग ई-रिकॉर्डिंग पहचान पत्र (ईपिक) नंबर हैं, जिनमें उनकी उम्र क्रमशः 48 और 45 साल दर्शाई गई है। उनके देवरों के भी दो-दो ईपिक नंबर होने का दावा किया गया।
गुजरात से बिहार तक वोटर लिस्ट में हेरफेरः
तेजस्वी ने गुजरात भाजपा के प्रभारी भीखूभाई के पटना में वोटर बनने का आरोप लगाया, जबकि उनका नाम गुजरात की मतदाता सूची से हटाया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता राज्यों के बीच मतदाता सूची का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिसके पीछे चुनाव आयोग की शह है। तेजस्वी ने 2020 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि मात्र 12 हजार वोटों के अंतर से 10 सीटें हारने का कारण भी वोटों की चोरी थी।
चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा पहले सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग करती थी, लेकिन अब वह चुनाव आयोग को अपने इशारे पर चला रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर भाजपा नेताओं के नाम दो स्थानों पर दर्ज किए जा रहे हैं और दो-दो ईपिक नंबर जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने इस मामले की गंभीर जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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