Surya Hansda case:
रांची। पूर्व सीएम और अर्जुन मुंडा ने सूर्या हांसदा के परिवार को पारंपरिक आदिवासी व्यवस्था का प्रतीक बताया है। भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में जांच के लिए गठित सात सदस्यीय टीम की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, पूर्व सांसद सुनील सोरेन, प्रदेश प्रवक्ता अमित मंडल एवं अनीता सोरेन उपस्थित रहे।
ललमटिया से जांच कर लौटा दलः
अर्जुन मुंडा ने कहा कि ललमटिया दौरे पर जाने के बाद टीम ने स्व. सूर्या हांसदा के परिजनों एवं वहां के प्रबुद्ध जन, स्थानीय जनता से घटना की जानकारी ली है। सभी ने साफ तौर पर आशंका जाहिर की कि स्व. सूर्या हांसदा का एनकाउंटर फर्जी है तथा यह साजिशन हत्या है।
अवैध खनन और भ्रष्टाचार का उठा रहे थे मामलाः
उन्होंने कहा कि स्व. हंसदा अवैध उत्खनन तथा भ्रष्टाचार का सदैव विरोध करते थे। उनका परिवार रूढ़िवादी पारंपरिक आदिवासी व्यवस्था का अगुआ है। उनका परिवार मांझी परिवार है। स्व. सूर्या हांसदा अपने आंदोलनों के कारण खनन माफियाओं के आंखों की किरकिरी बने हुए थे। उनके रास्ते में रोड़ा बनकर खड़े थे, इसलिए उन्हें रस्ते से हटाने की साजिश रची गई।
बीजेपी अंतिम दम तक लड़ेगी लड़ाईः
उन्होंने अंत अर्जुन मुंडा ने कहा कि जिस मुकदमे में उनका एनकाउंटर दिखाया जा रहा उसमें वे नामजद भी नहीं थे। स्व. सूर्या हांसदा गरीब बच्चों के मसीहा थे। सैकड़ों बच्चों के शिक्षा की चिंता करते थे। आज वे बच्चे अनाथ महसूस कर रहे थे। भाजपा स्व सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की लड़ाई को अंतिम दम तक लड़ेगी।पार्टी परिवार के साथ खड़ी है।
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