Supreme Court:
नई दिल्ली, एजेंसियां। सुप्रीम कोर्ट द्वारा वंतारा वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन के बाद, वंतारा ने आधिकारिक बयान जारी कर न्यायालय के आदेश का स्वागत किया है। संगठन ने कहा कि वह पारदर्शिता, करुणा और कानून के पूर्ण अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है।
वंतारा ने अपने बयान में कहा
वंतारा ने अपने बयान में कहा, “हम विशेष जांच दल को पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। हमारा ध्यान पशुओं के बचाव, पुनर्वास और देखभाल पर केंद्रित रहेगा। हम अनुरोध करते हैं कि इस प्रक्रिया को बिना किसी अटकलबाज़ी के और पशुओं के सर्वोत्तम हित में होने दिया जाए।”सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित मंदिर की हथिनी ‘महादेवी’ को जामनगर स्थित वंतारा केंद्र में स्थानांतरित किए जाने को चुनौती दी गई थी। याचिका में वंतारा में अवैध वन्यजीव अधिग्रहण और उनके साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए थे।
चार सदस्यीय SIT गठित
कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश जस्ती चेलमेश्वर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय SIT गठित की है, जिसे 12 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।SIT जांच में यह देखा जाएगा कि क्या वन्यजीव संरक्षण कानून, अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियम, पशु कल्याण मानक और पर्यावरणीय नियमों का पालन किया गया है या नहीं।यह मामला देशभर में पशु कल्याण और वन्यजीव संरक्षण को लेकर गहराते विमर्श का केंद्र बन गया है।
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