Navratri Puja Niyam: जानिए नवरात्रि पूजा में अखंड ज्योति जलाने के नियम और महत्व

Juli Gupta
2 Min Read

Navratri Puja Niyam:

नई दिल्ली, एजेंसियां। नवरात्रि का समय मां दुर्गा की भक्ति और आराधना का पावन पर्व माना जाता है। इस दौरान भक्त नौ दिनों तक माता रानी के नौ रूपों की पूजा करते हैं और अखंड ज्योति जलाते हैं। मान्यता है कि यह ज्योति पूरे नौ दिनों तक लगातार जलती रहे तो घर में मां दुर्गा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और नकारात्मक शक्तियां पास नहीं आतीं।

अखंड ज्योति जलाने के नियम

• स्थान का चयन: दीपक हमेशा पूजा स्थल या घर के मंदिर में ही जलाएं। यह स्थान स्वच्छ और पवित्र होना चाहिए।

• घी या तेल का उपयोग: अखंड ज्योति में देसी घी का प्रयोग सबसे शुभ माना गया है। यदि संभव न हो तो तिल का तेल भी उपयोग कर सकते हैं।

• निरंतर ज्योति: दीपक नौ दिनों तक बिना बुझा लगातार जलना चाहिए। इसके लिए समय-समय पर घी या तेल डालते रहना जरूरी है।

• ज्योति की दिशा: दीपक को इस प्रकार रखें कि उसकी लौ पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।

आवश्यक सावधानियां

• अखंड ज्योति को कभी अकेला न छोड़ें, घर का कोई सदस्य हमेशा ध्यान रखे।

• दीपक को हिलाएँ या छेड़छाड़ न करें।

• दीपक को स्थिर स्थान पर रखें और पास में पानी या अग्निरोधक साधन उपलब्ध रखें ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

अखंड ज्योति का महत्व

नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि लाती है। मान्यता है कि अखंड ज्योति पूरे परिवार पर देवी का आशीर्वाद बनाए रखती है और सभी कार्य सफल होते हैं।

इसे भी पढ़ें

Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि से पहले घर से हटाएं ये 5 चीजें, बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं