Ranchi University LLM exam: रांची यूनिवर्सिटी LLM परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी, थर्ड सेमेस्टर के छात्रों को मिला गलत प्रश्न पत्र

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Ranchi University LLM exam

रांची। रांची यूनिवर्सिटी में एलएलएम थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान बुधवार को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई। मोरहाबादी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडी में आयोजित फर्स्ट पेपर की परीक्षा में छात्रों को गलती से सेकेंड पेपर का प्रश्न पत्र बांट दिया गया, जिससे परीक्षा केंद्र में हड़कंप मच गया।

क्या है मामला?

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर एक से चार बजे तक फर्स्ट पेपर ‘बिजनेस ऑर्गनाइजेशन कंपनी लॉ इनक्लूडिंग मैनेजमेंट’ की परीक्षा होनी थी। लेकिन छात्रों को जो प्रश्न पत्र दिया गया, वह ‘बिजनेस ऑर्गनाइजेशन कंपनी मैनेजमेंट एंड एडमिनिस्ट्रेशन’ विषय का निकला। हैरानी की बात यह रही कि प्रश्न पत्र के कवर पेज पर फर्स्ट पेपर ही लिखा हुआ था, इसलिए शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ। जैसे ही छात्रों ने अंदर के प्रश्न देखे और विषय मेल नहीं खाया, गड़बड़ी सामने आई और छात्रों ने विरोध जताया।

छात्रों को परेशानी

स्थिति बिगड़ते ही परीक्षा को तत्काल रोक दिया गया। करीब 75 मिनट तक परीक्षा बाधित रही, जिससे छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर विधि संकाय के अध्यक्ष डॉ. पंकज चतुर्वेदी और परीक्षा नियंत्रक संजय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। जांच के बाद अधिकारियों ने स्वीकार किया कि प्रश्न पत्र वितरण में गंभीर चूक हुई है।

गड़बड़ी की पुष्टि होने पर उत्तर पुस्तिकाएं वापस

गड़बड़ी की पुष्टि होते ही गलत प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं वापस ले ली गईं। इसके बाद सही फर्स्ट पेपर का प्रश्न पत्र बांटा गया और छात्रों को 75 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। हालांकि, इसके बावजूद छात्र असंतुष्ट नजर आए। उनका कहना है कि परीक्षा के बीच अचानक रोक और फिर दोबारा शुरुआत से मानसिक तनाव बढ़ गया, जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। इस चूक के चलते सेकेंड पेपर का प्रश्न पत्र पहले ही छात्रों के सामने आ चुका है, जिसे तकनीकी रूप से पेपर लीक माना जा रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन अब सेकेंड पेपर के लिए नया प्रश्न पत्र तैयार कर उसे दोबारा छपवाने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद ही उस विषय की परीक्षा कराई जाएगी।

विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि यह मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे समय, संसाधन और छात्रों के भविष्य पर भी असर पड़ा है। इस घटना ने एक बार फिर रांची यूनिवर्सिटी की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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