Hemant Soren announcement:
रांची। झारखंड में हाथियों के हमलों से होने वाली मौत और नुकसान को लेकर राज्य सरकार बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक Rameshwar Oraon के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री Hemant Soren ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और एक समेकित एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में झारखंड में हाथी के हमले में मौत होने पर 4 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। जबकि अन्य राज्यों में यह राशि 4 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक है। सरकार Assam, Odisha समेत अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रही है और जल्द ही मुआवजा राशि बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा।
10 दिनों के भीतर मिलेगा भुगतान
नई एसओपी में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि घटना के 10 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि का भुगतान हो। साथ ही लकड़बग्घा, तेंदुआ और सांप जैसे अन्य वन्यजीवों के हमलों से होने वाली मौतों को भी एसओपी में शामिल किया जाएगा।
अवैध खनन पर सख्ती के संकेत
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि खनन क्षेत्रों में अवैध खनन के कारण हाथियों का आतंक बढ़ रहा है तो सरकार उस पर भी नजर रखे हुए है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले विधायक Tiwari Mahato ने मांडू क्षेत्र में भारी मशीनों से अवैध खनन का आरोप लगाया था। इस पर प्रभारी मंत्री Sudivya Sonu ने कहा कि सरकार को इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।







