Nagar Nikay Chunav: मेयर चुनाव के बाद डिप्टी मेयर पद पर भाजपा की नजर, जानिए चुनाव की प्रक्रिया

4 Min Read

Nagar Nikay Chunav

रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव के बाद अब भारतीय जनता पार्टी की नजर डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष के चुनाव पर टिकी हुई है। मेयर और पार्षद पद के परिणाम आने के बाद पार्टी संगठनात्मक स्तर पर रणनीति बनाने में जुट गई है, ताकि राज्य के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में इन महत्वपूर्ण पदों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को जीत दिलाई जा सके।

डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष पद पर भाजपा की रणनीति

प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक ने कहा कि महापौर और पार्षद चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को अन्य दलों की तुलना में बेहतर सफलता मिली है। उनका कहना है कि इसी आधार पर पार्टी को उम्मीद है कि डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष पदों पर भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीत हासिल करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य के नौ नगर निगमों में से पांच जगह भाजपा समर्थित महापौर चुने गए हैं। ऐसे में जहां भाजपा समर्थित महापौर हैं, वहां डिप्टी मेयर भी उसी खेमे से हो, यह पार्टी की कोशिश रहेगी।

नगर निकाय चुनाव में मिला मिला-जुला परिणाम

हालांकि भाजपा को शहरी क्षेत्रों में मजबूत वोट बैंक होने का भरोसा था, लेकिन नगर निकाय चुनाव के नतीजे पूरी तरह उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। राज्य के 48 शहरी निकायों में मेयर या अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित करीब 16 उम्मीदवार ही जीत दर्ज कर सके। नौ नगर निगमों में भाजपा समर्थित उम्मीदवार रांची, आदित्यपुर और मेदिनीनगर में जीतने में सफल रहे।

नगर परिषदों की बात करें तो 20 सीटों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को तीन सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस समर्थित दो, झामुमो समर्थित चार और 11 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए। वहीं नगर पंचायतों में भाजपा समर्थित उम्मीदवार छह सीटों पर जीतने में सफल रहे।

कुछ अहम सीटों पर भाजपा को झटका

गिरिडीह और देवघर जैसे महत्वपूर्ण नगर निगमों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। गिरिडीह नगर निगम में पहली बार झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जीत दर्ज की, जबकि देवघर में भी झामुमो को पहली बार सफलता मिली। इसके अलावा धनबाद में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार पीछे रह गए और वहां संजीव सिंह ने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की।

डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया

नगर निगमों में डिप्टी मेयर और नगर परिषद तथा नगर पंचायतों में उपाध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है। इसमें आम मतदाता भाग नहीं लेते, बल्कि निर्वाचित पार्षद ही मतदान करते हैं। उदाहरण के तौर पर रांची नगर निगम में 53 वार्ड पार्षद डिप्टी मेयर के चुनाव में वोट देंगे।राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार सभी 48 नगर निकायों में डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष का चुनाव 10 मार्च से शुरू होकर 20 मार्च तक पूरा किया जाएगा। रांची में 19 मार्च, धनबाद में 18 मार्च, मानगो में 17 मार्च और मेदिनीनगर में 14 मार्च को मतदान होगा। चुनाव से पहले सभी वार्ड पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी, जिसके बाद नामांकन और मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

Share This Article