Puri stampede case:
भुवनेश्वर, एजेंसियां। ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ की घटना की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी और करीब 50 लोग घायल हुए थे। अब इस मामले में गठित प्रशासनिक जांच समिति ने अब तक 147 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। यह समिति राज्य सरकार की ओर से नियुक्त की गई है और इसका नेतृत्व विकास आयुक्त सह अतिरिक्त मुख्य सचिव अनु गर्ग कर रही हैं।
42 लोगों के बयान दर्ज किए
बुधवार को 42 लोगों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में तैनात पुलिसकर्मी और अन्य स्टाफ शामिल थे। इससे पहले भुवनेश्वर में हुई पिछली सुनवाई में 17 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। समिति ने बयान दर्ज करने के लिए पुरी और भुवनेश्वर में चार अलग-अलग सत्र आयोजित किए थे।
अनु गर्ग ने बताया
अनु गर्ग ने बताया कि सभी महत्वपूर्ण हितधारकों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और समिति अब 30 जुलाई को अपनी विस्तृत रिपोर्ट ओडिशा सरकार को सौंपेगी। गवाहों के बयान भुवनेश्वर के स्पेशल सर्किट हाउस में दर्ज किए गए।
यह घटना श्री गुंडिचा मंदिर के बाहर घटी
घटना 29 जून 2025 को पुरी के श्री गुंडिचा मंदिर के बाहर घटी थी, जब भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ वापसी के दौरान भारी भीड़ एकत्र हो गई थी। इसी भीड़ में अव्यवस्था के कारण भगदड़ मच गई। हादसे के बाद राज्य सरकार ने तत्काल पुरी के जिलाधिकारी और एसपी को निलंबित कर दिया था और अगले ही दिन जांच शुरू कर दी गई थी। सरकार को अब समिति की रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे हादसे के कारणों और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला जाएगा।
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