Pakistan:
इस्ला्माबाद। भारत और पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब सीजफायर है। भारतीय सेना के एक्शन से पाकिस्तान से लेकर चीन तक हड़कंप मचा हुआ है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री अचानक से चीन पहुंचे हैं। पाकिस्तानी सेना ने अपने जवाबी हमले के दौरान भारत के दो सबसे खतरनाक हथियारों राफेल फाइटर जेट और रूस से खरीदे गए एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाने की कोशिश की।
पाकिस्तानी मीडिया ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान की एयरफोर्स ने इसके लिए कई साल पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। पाकिस्तान को इस काम में इस्लामिक कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले दो देशों कतर और तुर्की ने मदद की। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने चीनी हथियारों की मदद से इन दोनों ही भारतीय ब्रह्मास्र् को तबाह करने की नाकाम कोशिश की।
Pakistan: पाक ओर कतर की सेना के बीच है करीबी संबंध
बालाकोट अभियान के बाद भारत ने महसूस किया कि उसे एक ऐसे फाइटर जेट की जरूरत है जिसकी मदद से पाकिस्तान की एयरस्पेस में घुसे बिना आसानी से आतंकी ठिकानों पर जोरदार हमला किया जा सके। इसके बाद भारत ने 36 अत्याधुनिक राफेल फाइटर जेट के लिए फ्रांस से समझौता किया। ये राफेल स्कैल्प और हैमर मिसाइलों से लैस हैं जो लंबी दूरी तक तबाही मचाने में सक्षम हैं। भारत के इस कदम पर पाकिस्तानी सेना ने अपनी पैनी नजर बना रखी थी। भारत से पहले कतर ने फ्रांस से राफेल फाइटर जेट खरीदे थे। पाकिस्तानी सेना और कतर की सेना के बीच बहुत करीबी संबंध हैं।
Pakistan: कतर में पाकिस्तानी पायलटों ने उड़ाया राफेल
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक पाकिस्तान के पायलट कतर के पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए जाते रहते हैं। पाकिस्तानी वायुसेना ने राफेल के सीक्रेट जानने के लिए कतर से गुहार लगाई। कतर की सेना ने पाकिस्तानी पायलटों को राफेल फाइटर जेट उड़ाने की मंजूरी दे दी। पाकिस्तानी पायलटों ने राफेल को उड़ाया और उसके सीक्रेट भी जान लिए। साल 2019 में जब यह खबर मीडिया में आई तब फ्रांस ने इसका पुरजोर खंडन किया। फ्रांस के तत्काालीन राजदूत अलेक्जेंडर जिगलर ने इसे फेक न्यूज करार दिया। वहीं कई विशेषज्ञ फ्रांस के राजदूत के इस दावे से सहमत नहीं थे।
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