Ranchi University:
रांची। रांची यूनिवर्सिटी में सिर्फ परीक्षाओं का सेशन ही लेट नहीं चल रहा है, बल्कि पास आउट छात्रों को समय पर डिग्री देने में भी आरयू विफल रहा है। यूनिवर्सिटी के अंगीभूत और एफिलिएटेड कॉलेजों से स्नातक पास 4 लाख से भी अधिक छात्रों को डिग्रियां नहीं मिली हैं। जबकि, इन डिग्रियों का शुल्क यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा फाइनल इयर की परीक्षा के समय ही छात्रों से ले लिया गया है।
Ranchi University:प्रति छात्र 600 रुपये लिये जाते हैं डिग्री के लिएः
छात्रों से पैसा लेने के बाद भी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने समय पर संबंधित कॉलेजों को डिग्री नहीं भेजी है। प्रति छात्र डिग्री के लिए 600 रुपए शुल्क मद में जमा कराया जाता है। इस हिसाब से चार लाख छात्रों ने डिग्री शुल्क मद में 24 करोड़ रुपए जमा किए हैं।
Ranchi University:फाइनल एग्जाम से पहले ही ले लिया जाता है शुल्कः
यह शुल्क फाइनल सेमेस्टर का एग्जाम फॉर्म जमा करते समय देना पड़ता है। शुल्क जमा करने के बाद संबंधित कॉलेजों में डिग्री भेज देने का प्रावधान है। लेकिन, पासआउट स्टूडेंट्स डिग्री मिलने का इंतजार कर रहे हैं। जॉब में चयन होने पर डिग्री के लिए छात्रों को विवि मुख्यालय के चक्कर लगाते देखा जा सकता है। विवि मुख्यालय से डिग्री लेने के लिए छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, क्योंकि पहले 600 रुपए शुल्क जमा कर चुके छात्रों को फिर 100 रुपए आवेदन शुल्क जमा करना पड़ता है।
Ranchi University:नौकरी से पहले विवि के चक्कर लगा रहे छात्रः
डिग्री नहीं मिलने से छात्रों को परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। नौकरी में चयन होने पर डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के पहले छात्रों को डिग्री के लिए विवि मुख्यालय के चक्कर लगाना पड़ता है। स्नातक रिजल्ट के बाद राज्य के बाहर चले गए छात्रों को सबसे अधिक मुश्किलें का सामना करना पड़ता है।
Ranchi University:दर्जन भर बैच की लंबित हैं डिग्रियाः
रांची यूनिवर्सिटी के दर्जन भर बैच के पासआउट छात्रों की डिग्रियां लंबित हैं। इसमें 2010, 2012, 2013, 2014, 2015, 2019, 2020, 2021, 2023 बैच के स्नातक पास सभी छात्रों की डिग्रियां विवि में पेंडिंग हैं। वहीं 2016, 2022 और 2024 बैच की आधी-अधूरी डिग्रियां विवि स्तर पर लंबित हैं।
Ranchi University:डिग्री नहीं मिलने की 3 प्रमुख वजहः
- डिग्री डिस्ट्रीब्यूशन सेरेमनी समय पर नहीं होना : ऑटोनोमस कॉलेजों द्वारा समय पर डिग्री डिस्ट्रीब्यूशन सेरेमनी का आयोजन नहीं कराया जाता है। एक साथ तीन-तीन बैच के पासआउट छात्रों के लिए डिग्री डिस्ट्रीब्यूशन सेरेमनी का आयोजन होता है।
- पूर्व के प्रोवीसी की लापरवाही : पूर्व के प्रतिकुलपतियों ने अपने-अपने कार्यकाल के दौरान स्नातक पासआउट छात्रों की डिग्रियों पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। जिस कारण कॉलेजों में डिग्रियां नहीं भेजी जा सकीं। इस कारण लंबित डिग्रियों की संख्या लगातार बढ़ती गई।
- प्रतिकुलपति का पद खाली : स्नातक की डिग्रियां प्रतिकुलपति के हस्ताक्षर से जारी की जाती हैं। लेकिन, रांची यूनिवर्सिटी में पिछले दो साल से प्रतिकुलपति का पद खाली है। प्रोवीसी का नियुक्ति विज्ञापन जारी होने के बाद भी आज तक नियुक्ति नहीं हुई है।
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