सावन में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने की सही विधि, जानें क्या है नियम और मंत्र [The right way to perform Jalabhishek on Shivling in Sawan, know the rules and mantras]

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Jalabhishek on Shivling in Sawan:

नई दिल्ली , एजेंसियां। सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से मानसिक शांति, शारीरिक बल और आर्थिक समृद्धि मिलती है। सावन 2025 की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है और सावन के चार सोमवार व्रत इस प्रकार हैं: 14 जुलाई, 21 जुलाई, 28 जुलाई और 4 अगस्त।

Jalabhishek on Shivling in Sawan:जलाभिषेक की विधि:

सुबह स्नान कर पूजा की तैयारी करें।
शिवलिंग के पास दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, गन्ने का रस आदि रखें।
शिवलिंग के सामने हाथ जोड़कर महादेव का स्मरण करें।
इन सामग्री से शिवलिंग पर धीरे-धीरे जलाभिषेक करें।
जल चढ़ाते समय “ऊँ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें।
गंगाजल में काले तिल डालकर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें और इसे शिवलिंग पर अर्पित करें।
बेलपत्र, फूल और शहद चढ़ाएं।
आटे के चौमुखी दीपक जलाकर शिव चालीसा का पाठ करें।
अंत में आरती करें और दान-दक्षिणा दें।

Jalabhishek on Shivling in Sawan:

शिवलिंग पर जल चढ़ाने का मंत्र:
मन्दाकिन्यास्तु यद्वारि सर्वपापहरं शुभम् ।
तदिदं कल्पितं देव स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम् ॥

Jalabhishek on Shivling in Sawan:महादेव के लोकप्रिय मंत्र:

ऊँ नमः शिवाय।
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
सावन के दौरान यह पूजा विधि अपनाकर भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी कर सकते हैं और भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं पर आधारित है, अमर उजाला इसकी सटीकता की गारंटी नहीं देता।

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