Dhirendra Krishna Shastri News:
भोपाल, एजेंसियां। मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बड़ा निर्णय लिया है। वे आगामी मई 2026 में एक महीने तक दुनिया से किसी भी तरह का संपर्क नहीं रखेंगे। इस दौरान वे न तो बागेश्वरधाम में रहेंगे, न कथा करेंगे और न ही दिव्य दरबार आयोजित करेंगे। मोबाइल, टीवी और इंटरव्यू जैसी सभी आधुनिक सुविधाओं से भी वे दूरी बनाए रखेंगे।
कहां गायब हुए धीरेंद्र शास्त्री?
धीरेंद्र शास्त्री ने स्वयं इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए कहा कि, “जिस मोड़ पर हम खड़े हैं, वहां साधना की बहुत जरूरत है। इसलिए गुरु आज्ञा के अनुसार हम तप के लिए बद्रीनाथ की पहाड़ियों में जा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि इस दौरान वे 21 दिन तक एकांतवास में साधना करेंगे और पूरी तरह से ईश्वर भक्ति और आत्मिक अनुशासन में लीन रहेंगे।
शास्त्री अपने दिव्य दरबार और सनातन हिन्दू धर्म के लिए पहचाने जाते हैं। उनके अनुयायियों के लिए यह खबर कई सवाल खड़े कर रही है कि वे कहाँ जाएंगे और क्या करेंगे। हालांकि, शास्त्री ने स्पष्ट किया कि इस तपस्या का उद्देश्य न केवल आत्मिक उन्नति है, बल्कि जीवन के भटकाव और नित्य परेशानियों से खुद को दूर रखना भी है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का क्या कहना
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कहना है कि साधना और तप में लीन रहने से व्यक्ति में नई ऊर्जा, नये विचार और नई तैयारी आती है। वे इस साधना के पूरा होने के बाद नई ऊर्जा और विचारों के साथ वापस लौटेंगे और अपने अनुयायियों के लिए कुछ नया करेंगे।बागेश्वरधाम के अनुयायी और भक्त इस निर्णय को समझते हुए धीरेंद्र शास्त्री के लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह साधना न केवल शास्त्री के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे उनके अनुयायियों को भी आध्यात्मिक प्रेरणा मिलेगी।
इस प्रकार, आगामी मई महीने में शास्त्री की यह गुप्त यात्रा और एकांतवास साधना बागेश्वरधाम और बद्रीनाथ धाम के पहाड़ों में ध्यान और तप का महत्वपूर्ण पर्व साबित होगी।








