सिमडेगा,एजेंसियां। झारखंड में कई गांव आज भी ढिबरी युग में हैं। यहां के लोग अंधेरे में जीते आ रहे हैं। सिमडेगा के ठेठईटांगर प्रखंड के घुटबहार बांडिंग टोली गांव में अनोखा मामला सामने आया है। यहां गांव में न बिजली के खंभे हैं न बिजली।
तीन साल पहले गांव आये कुछ बिजली अधिकारियों ने गांव वालों को बिजली का मीटर थमा दिया था। पर आज तक बिजली नहीं आई, पर हां, इस बीच बिजली का बिल जरूर गांव वालों के पास पहुंच गया है। इससे ग्रामीण परेशान हैं कि वे इस बिजली बिल का क्या करें।
ग्रामीणों के मुताबिक विद्युतीकरण के नाम पर यहां पर कुछ भी नहीं हुआ है। न तो गांव में बिजली का खंभा और ना ही तार लगा है। सिर्फ उन्हें मीटर दे दिया गया है। अब ग्रामीणों को बिजली का बिल भी आने लगा है।
ग्रामीणों ने बताया कि उनका गांव दुर्गम जंगलों के बीच है। ये एलिफेंट कॉरिडोर क्षेत्र में भी आता है। गांव अक्सर जंगली हाथियों के विचरण से भयभीत रहता है।
कई बार सरकार आपके द्वार या फिर जनता दरबार में लिखित आवेदन दिया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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