AIBE exam after LLB: LLB के बाद क्यों जरूरी है AIBE? समझें एग्जाम का पूरा नियम

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AIBE exam after LLB:

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में वकालत करने का सपना देखने वाले लाखों छात्र हर साल एलएलबी की डिग्री हासिल करते हैं, लेकिन सिर्फ डिग्री लेना ही काफी नहीं है। कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू करने के लिए ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) पास करना अनिवार्य है। यह परीक्षा पास किए बिना Bar Council of India वकालत का लाइसेंस जारी नहीं करती।

एलएलबी के बाद क्यों जरूरी है AIBE?

एलएलबी आपको लॉ ग्रेजुएट बनाता है, लेकिन AIBE आपको “सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस” (COP) दिलाता है। इस सर्टिफिकेट के बाद ही उम्मीदवार अपने राज्य की बार काउंसिल में पंजीकरण कर कोर्ट में केस लड़ सकते हैं। जब तक यह प्रमाणपत्र नहीं मिलता, तब तक आप केवल लॉ ग्रेजुएट माने जाते हैं, वकील नहीं।

कब होगी AIBE 2026 परीक्षा?

Bar Council of India द्वारा आयोजित AIBE 2026 परीक्षा 7 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया फरवरी से शुरू हो चुकी है। लॉ के फाइनल ईयर के छात्र भी इस परीक्षा में बैठ सकते हैं। इस परीक्षा के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं है।

क्या है एग्जाम पैटर्न?

  • कुल 100 ऑब्जेक्टिव (MCQ) प्रश्न
  • प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का
  • कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं
  • कुल समय: 3 घंटे 30 मिनट
  • ओपन बुक एग्जाम (बेयर एक्ट साथ ले जा सकते हैं)

परीक्षा में 19 विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ
  • इंडियन पीनल कोड (IPC)
  • सिविल प्रोसीजर कोड (CPC)
  • एविडेंस एक्ट
  • फैमिली लॉ
  • साइबर लॉ
  • कॉन्ट्रैक्ट लॉ

पासिंग मार्क्स कितने हैं?

  • जनरल और ओबीसी वर्ग: न्यूनतम 45% अंक
  • एससी/एसटी वर्ग: न्यूनतम 40% अंक

क्यों अहम है यह परीक्षा?

AIBE का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को कानून की बुनियादी और व्यावहारिक जानकारी हो। यह परीक्षा वकालत की गुणवत्ता और पेशेवर मानकों को बनाए रखने के लिए आयोजित की जाती है।

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