Gumla rape case:
गुमला। झारखंड के गुमला जिले की विशेष पोक्सो अदालत ने नाबालिग दिव्यांग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दोषी तांत्रिक संजय विश्वकर्मा को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को गंभीर अपराध का दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया। मामला भरनो प्रखंड का है, जहां तांत्रिक ने बच्ची की दिव्यांगता ठीक करने के नाम पर उसके परिवार का भरोसा जीता और पूजा-पाठ के बहाने बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया।
पूजा कराने के नाम पर बच्ची के साथ दुष्कर्म
जांच में सामने आया कि आरोपी रात में पूजा कराने के नाम पर बच्ची के साथ बंद कमरे में रहता था। लगातार यौन शोषण के कारण नाबालिग गर्भवती हो गई, जिसके बाद उसका गर्भपात कराना पड़ा। घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता के पिता ने थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
पोक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत फांसी की सजा
गुमला के अपर सत्र न्यायाधीश-4 सह विशेष पोक्सो जज की अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपी को दोषी पाते हुए आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि पोक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत फांसी की सजा सुनाई गई।
अदालत के फैसले को बाल संरक्षण कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इस मामले ने काफी संवेदनशीलता पैदा की थी, क्योंकि आरोपी ने धार्मिक आस्था और इलाज के नाम पर परिवार को गुमराह कर नाबालिग का दुष्कर्म किया।







