Cough syrup advice:
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में कफ सिरप को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच माता-पिता के लिए यह जानना जरूरी हो गया है कि बच्चों को कब और कैसे सिरप दिया जाए। मध्य प्रदेश और राजस्थान में हाल ही में कफ सिरप से संबंधित कई घटनाओं ने इसके खतरों को उजागर किया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि छोटे बच्चों में दवा का असर तेज होने के साथ-साथ दुष्प्रभाव भी अधिक हो सकते हैं, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह कफ सिरप देना खतरनाक हो सकता है।
FDA के अनुसार
अमेरिका की FDA (Food and Drug Administration) के अनुसार, दो साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार की ओवर-द-काउंटर कफ और कोल्ड दवाएं नहीं देनी चाहिए। भारत सरकार ने हाल ही में सुरक्षा कारणों से चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कुछ कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया है। भोपाल स्थित सुपरस्पेशलिटी क्लीनिक के पीडियाट्रिशियन डॉ. संजय जैन का कहना है कि ज्यादातर सर्दी और खांसी के मामले अपने आप ठीक हो जाते हैं। बच्चों को पर्याप्त आराम और गुनगुना पानी देना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।
कफ सिरप की जगह घरेलू विकल्प क्या है ?
कफ सिरप की जगह घरेलू विकल्प भी प्रभावी हैं। एक साल से बड़े बच्चों को शहद दिया जा सकता है। भाप लेना और अधिक पानी पीना भी खांसी को कम करने में मदद करता है। सिरप का उपयोग केवल तब किया जाना चाहिए जब समस्या गंभीर हो और यह भी केवल डॉक्टर की सलाह पर। WHO की रिपोर्ट के अनुसार, पांच साल से कम उम्र के बच्चों में कफ और सर्दी की दवाओं का लाभ कम और नुकसान अधिक होता है।
इसलिए, माता-पिता को चाहिए कि छोटे बच्चों में खांसी या जुकाम की स्थिति में घरेलू उपायों और डॉक्टर की देखरेख पर भरोसा करें। कफ सिरप का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार और सुरक्षित तरीके से ही करें, ताकि बच्चों की सेहत खतरे में न पड़े।
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