Vladimir Putin in India:
नई दिल्ली, एजेंसियां। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने 4–5 दिसंबर 2025 के भारत दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले, जहां दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने पर विस्तृत चर्चा हुई। लेकिन इस मुलाकात का सबसे खास और चर्चा में रहने वाला क्षण वह रहा जब पीएम मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में अनूदित श्रीमद्भगवद् गीता की प्रति भेंट की। यह उपहार केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि भारत-रूस संबंधों के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक बन गया।
पीएम मोदी ने अपने एक्स में लिखा:
पीएम मोदी ने अपने एक्स (X) अकाउंट पर इस विशेष क्षण की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि गीता का शाश्वत ज्ञान दुनिया भर में करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है और मानवता को हर युग में सही दिशा प्रदान करता है। पुतिन ने भी इस पवित्र ग्रंथ को बड़े सम्मान और विनम्रता के साथ स्वीकार किया। उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था कि यह उपहार उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है।
बैठक से पहले दोनों नेता एक छोटे सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां यह उपहार प्रदान किया गया। गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय दर्शन, कर्तव्य, नैतिकता और जीवन के सार का अमर संदेश है, जिसका अध्ययन विश्वभर में किया जाता है।
इस यात्रा की खास बात क्या रहा?
इस यात्रा की खास बात यह भी है कि 2022 में शुरू हुई रूस-यूक्रेन जंग के बाद यह पुतिन की पहली भारत यात्रा है। भारत ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों देशों ने रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर कई अहम समझौते भी किए।पीएम मोदी द्वारा पुतिन को गीता भेंट करना भारत-रूस मैत्री को नई सांस्कृतिक ऊंचाई देता है और यह संदेश देता है कि दोनों देशों के रिश्ते केवल राजनीति या आर्थिक हितों पर आधारित नहीं, बल्कि गहरे सांस्कृतिक मूल्यों से भी जुड़े हैं।

